Monsoon session: RJD सांसद मनोज झा ने उठाए रामदेव की कोरोनिल पर सवाल, कहा- आर्युवेद का गलत इस्तेमाल किया
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने राज्यसभा में आज सुबह आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक, 2020 पेश किया, जबकि शाम को लोकसभा में इसे पेश किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस बिल को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए सांसदों को धन्यवाद कहा, तो वहीं विपक्ष ने इसको लेकर सरकार और योग गुरू बाबा रामदेव पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा है।

राज्यसभा में आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि कोरोना काल में एक ऐसा क्षण आया था, जब एक महापुरूष ने कोरोना की दवाई बनाने का दावा कर दिया। इससे उनका कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि उनकी दवाइयां तुरंत बिक गईं। हमें ध्यान रखना होगा कि कोरोना काल में आयुर्वेद का किस तरह से गलत इस्तेमाल किया गया है। मनोज झा का ये इशारा बाबा रामदेव पर था, उनकी कंपनी पतंजलि ने जून में ही कोरोनिल नाम से दवा निकाली थी। उस दौरान पतंजलि ने दावा किया था कि ये दवा कोरोना के इलाज में कारगर होगी। हालांकि बाद में उसके ट्रायल और लाइसेंस को लेकर काफी विवाद हुआ।
वहीं संसद में डॉ. हर्षवर्धन ने आयुर्वेद की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं वैसे तो आधुनिक चिकित्सा यानी एलोपैथ का डॉक्टर हूं, लेकिन आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की सराहना करता हूं। इस पर अन्नाद्रमुक सांसद एम. थंबीदुरई ने कहा कि वो स्वास्थ्य मंत्री से निवेदन करते हैं कि सरकार तमिलनाडु के राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के महत्व का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू करे। उनके मुताबिक सिद्ध भी एक महत्वपूर्ण औषधि है।












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