संघ के कार्यक्रम में वर्दी पहनकर गए पूर्व DG को चुनाव आयोग ने बनाया पर्यवेक्षक, TMC ने जताया विरोध
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को बीएसएफ के पूर्व महानिदेशक के के शर्मा की पश्चिम बंगाल और झारखंड के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में की गई नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि वह एक साल पहले आरएसएस के समारोह में उपस्थित थे। बता दें कि बीते साल फरवरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक एनजीओ सीमांता चेतना मंच ने कोलकाता में एक सम्मेलन का आयोजन किया था। इस दो दिवसीय सम्मेलन के आखिरी दिन तत्कालीन बीएसएफ डीजी केके शर्मा अपनी यूनिफॉर्म में शामिल हुए थे।

चुनाव आयोग ने मंगलवार को चार विशेष पर्यवेक्षकों, दो सेवानिवृत्त आईआरएस और दो आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया है। जो लोकसभा चुनाव के दौरान चुनिंदा संवेदनशील राज्यों में मतदाताओं को काले धन के दुरुपयोग और अवैध अभियोगों की जांच करने और सुरक्षा बलों की तैनाती की निगरानी करने जैसे मामलों को देखेंगे। शर्मा उनमें से एक हैं। वहीं टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ'ब्रायन ने इस मामले पर ट्वीट कर मामले को उठाया था।
बुधवार को शर्मा की एक तस्वीर सोशल साइट पर तेजी से साझा की जा रही है जिसमें पिछले साल वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित संगठन सीमांत चेतना मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उनके साथ रंतिदेव सेनगुप्ता भी मौजूद हैं, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी ने हावड़ा लोकसभा केंद्र से उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में शर्मा को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने को लेकर हंगामा मचा हुआ है। केके शर्मा 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं तथा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनको राज्य में तैनात होने वाली केंद्रीय फोर्स के मूवमेंट की जिम्मेवारी दी गई है।












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