Republic Day Parade: इस बार बिल्कुल खास है गणतंत्र दिवस की परेड, Made In India और नारी शक्ति का दिखेगा दम
इस बार के गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा मेड इन इंडिया का दम, पूरी तरह से भारत में बने हथियारों को परेड में दिखाया जाएगा। गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह एल सिसी बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

Republic day: देश 74वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी में जुटा है। गणतंत्र दिवस की परेड भी जोर-शोर से चल रही है। 26 जनवरी को भारतीय सेना सिर्फ मेड इन इंडिया हथियार और उपकरणों के साथ परेड करेगी। इस दौरान विंटेज हथियार भी वहीं प्रदर्शित किए जाएंगे तो मेड इन इंडिया हैं। इस दौरान 25 पॉडर गन को प्रदर्शित किया जाएगा। इस गन का इस्तेमाल 21 बंदूकों की सलामी में भी प्रयोग किया जाता था, जिसकी जगह पर अब 105 एमएम इंडिया फील्ड गन ने ले ली है। इसके साथ ही इस परेड में काफी कुछ खास देखने को मिलेगा। इस बार रिपब्लिक डे परेड में के-9 वज्र तोप, एमबीटी अर्जुन, नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, ब्रम्होस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकार एयर डिफेंस मिसाइल और क्विक रिएक्शन फाइटिंग वेहिकल को दिखाया जाएगा।
दिखेगा नारी शक्ति का दम
26 जनवरी को को होने वाली परेड में मिस्र की सैन्य टुकड़ी और अग्निवीर भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा महिला सैनिक जोकि बीएसएफ की ऊंटों की टुकड़ी का हिस्सा हैं वह भाग लेंगी। गणतंत्र दिवस की परेड में नारी शक्ति का भी परिचय देखने को मिलेगा। नौसेना की 144 सेलर की टुकड़ी, वायुसेना की आईएल-38 एयरक्राफ्ट का भी इस दौरान प्रदर्शन होगा। परेड के दौरान यह एयरक्राफ्ट अपनी आखिरी उड़ान भरेगा।
स्वदेशी ड्रोन का प्रदर्शन
इसके साथ ही इस बार गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर पैसेंजर ड्रोन वरुण का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसे पुणे के सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने तैयार किया है। इसे भारतीय नौसेना ने कुछ दिन पहले पीएम मोदी की उपस्थिति में दिल्ली में प्रदर्शित किया था। रिपोर्ट के अनुसार इस ड्रोन में एक व्यक्ति सवार हो सकता है। यह ड्रोन 25 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। यह 125 किलोग्राम का वजन वहन कर सकता है। टेक ऑफ के बाद यह ड्रोन 25-33 मिनट तक उड़ान भर सकता है।
दुनिया की पहली महिला केमल राइडर
दुनिया की पहली महिला ऊंट राइडर भी इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में देखने को मिलेगी। बीएसएफ की महिला टुकड़ी ऊंट पर सवार होकर परेड में शामिल होगी। बीएसएफ की वीमन केमल कंटिंजेंट को ट्रेनिंग सेंटर ऑफ राजस्थान फ्रंटियर व बिकानेर सेक्टर ने प्रशिक्षित किया है। यह दुनिया की पहली महिला केमल राइडर स्क्वॉड है। इसकी ड्रेस डिजाइन को भी खास अंदाज में तैयार किया गया है।
26 जनवरी को होने वाली परेड की जानकारी देते हुए मेजर जनरल भवनीश कुमार ने बताया कि परेड सुबह 10.30 बजे विजय चौक से शुरू होगी और टुकड़ी लाल किले तक मार्च करेगी। महामारी के दौरान परेड के पारंपरिक रूट को पाबंदियों के चलते छोटा कर दिया गया था। इस साल की परेड का मुख्य केंद्र आत्मनिर्भर भारत होगा क्योंकि अधिकतर हथियार जो कर्तव्य पथ पर दिखाए जाएंगे वह स्वदेशी होंगे।
इस बार 8 मार्चिंग टुकड़ियां भी परेड में हिस्सा लेंगी। इसमे से 6 टुकड़ियां सेना से होगी जबकि एक-एक नौसेना और वायुसेना से होगी। कुल मिलाकर 16 टुकड़ियां इस बार परेड में हिस्सा लेंगी। जिसमे पुलिस, पैरामिलिट्री की टुकड़ियां भी होंगी। स्वेदेशी 105 एमएम इंडिया फील्ड गन ब्रिटिश काल की 25 पॉन्डर गन की जगह लेंगी, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 21 बंदूकों की सलामी के लिए इस्तेमाल किया गया था। पिछले साल भी इस स्वदेशी गन का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर इसे प्रदर्शित किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह एल सिसी बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। मिश्र की 120 सैनिकों की टुकड़ी भी परेड में हिस्सा लेगी, वह पिछले कुछ दिनों से भारतीय सैनिकों के साथ इसका रिहर्सल भी कर रहे हैं। महिला अधिकारी भी इस परेड में हिस्सा लेंगी।












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