Republic Day 2025: पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ पर उठाया कचरा, दिया स्वच्छता का सन्देश
Republic Day 2025: 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस दिन उन्होंने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वागत करते हुए ज़मीन पर पड़ा कचरा उठाया और उसे ठीक से निपटाने की कोशिश की। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह घटना प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की याद दिलाती है, जो पूरे देश में सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए है। कई लोगों ने इस कदम की सराहना की और कहा कि पीएम मोदी अपने कार्यों से नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह एक सच्चे नेता का उदाहरण है, जो अपने शब्दों के साथ अपने कार्यों में भी सत्य है।"

कर चुके हैं गंगा घाटों की सफाई की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी प्लॉगिंग और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। पिछले साल नवंबर में, उन्होंने कानपुर के गंगा घाटों की सफाई कर रहे एक समूह की सराहना की थी। इसके अलावा, दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़े के तहत देशभर में प्लॉगिंग कार्यक्रम आयोजित किए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया। 21 तोपों की सलामी के बाद परेड शुरू हुई। इंडोनेशिया के जवान भी इस परेड में शामिल हुए। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी थे जो इस वर्ष के समारोह के मुख्य अतिथि हैं। परंपरा के मुताबिक दोनों राष्ट्रपतियों को भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट, 'राष्ट्रपति के अंगरक्षक' द्वारा कर्तव्य पथ तक ले जाया गया। 40 वर्षों से बंद परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए वे 'पारंपरिक बग्गी' में सवार होकर समारोह में पहुंचे।
उनके आगमन पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का भी कर्तव्य पथ पर स्वागत किया। राष्ट्रगान के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद स्वदेशी 105-एमएम लाइट फील्ड गन का उपयोग करके 21 तोपों की सलामी दी गई।
"जन भागीदारी" पर दिया गया जोर
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में संविधान के लागू होने के 75 वर्ष पूरे होने पर ध्यान केंद्रित किया गया और "जन भागीदारी" पर जोर दिया गया। इस उत्सव में भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक मंत्रालय के 300 कलाकारों के साथ वाद्य यंत्र बजाते हुए परेड निकली। कलाकारों द्वारा शहनाई, नादस्वरम, मशक बीन, बांसुरी, शंख और ढोल जैसे पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों की मदद से "सारे जहां से अच्छा" बजाया गया। समारोह में वैश्विक स्पर्श जोड़ते हुए 152 सदस्यों वाली इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ी और 190 सदस्यों वाली इंडोनेशिया की सैन्य अकादमी का सैन्य बैंड भी परेड में शामिल हुआ।
भारत की सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन
देश की राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन बेहद खास रहा। इस बार भारत की स्वदेशी सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया। परेड में भारतीय सेना ने देश में विकसित हथियारों और उपकरणों का शानदार प्रदर्शन किया। इनमें नाग मिसाइल सिस्टम, टी-90 भीष्म टैंक, ब्रह्मोस मोबाइल लॉन्चर, चेतक ऑल-टेरेन वाहन और अग्निबाण मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर शामिल थे।
इसके साथ ही सेना ने नंदीघोष क्विक रिएक्शन फोर्स वाहन, आकाश मिसाइल लॉन्चर, और संजय बैटलफील्ड सर्विलांस सिस्टम भी दिखाया। इस साल समारोह में इंडोनेशिया के सैनिक मार्चिंग दस्ते और म्यूजिक बैंड ने भी हिस्सा लिया। वहीं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस बार के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल रहे।
परेड में शामिल हुए करीब 77000 लोग
समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे 5000 से ज्यादा कलाकारों ने लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया। इस साल समारोह में सांस्कृतिक भागीदारी को पहले से कहीं अधिक बढ़ावा दिया गया। दर्शकों ने आदिवासी नृत्य, पारंपरिक लोक संगीत और अन्य भारतीय कलाओं का आनंद लिया।
गणतंत्र दिवस परेड में करीब 77000 लोग शामिल हुए जिनमें 32,000 टिकट खरीदकर आए और 10,000 विशेष अतिथि के रूप में शामिल थे। समारोह सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और 90 मिनट तक चला।
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