नेतृत्व के मुद्दे पर दो फाड़ में दिखी कांग्रेस, सोनिया के इस्तीफे की खबरों का पार्टी ने किया खंडन
नई दिल्ली। कांग्रेस में कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर घमासान देखने को मिल रहा है। पार्टी के लगभग दो दर्जन नेताओं ने चिट्ठी लिखकर पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है। जिसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। जहां एक और पार्टी पूर्णकालिक नेतृत्व की मांग कर रहा है। तो वहीं दूसरी ओर एक खेमा पार्टी की कमान सोनिया गांधी के हाथों में ही रहने देने चाहता है। सूत्रों के मुताबिक इस चिट्ठी के सामने आने के बाद सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं से नया अध्यक्ष चुनने के लिए कहा है।

सोनिया गांधी के इस्तीफे की खबरें गलत
सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की खबरों का पार्टी ने खंडन किया है। पार्टी के नेशनल प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, सोनिया गांधी के इस्तीफे की खबरें गलत हैं। मौजूदा घटनाक्रम पर कई कांग्रेसी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आए है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि वह पार्टी प्रेजिडेंट के रूप में बनी रहें। हम कांग्रेस पार्टी में आपके नेतृत्व के प्रति पूर्ण और अटूट विश्वास को दोहराना चाहेंगे।

सोनिया गांधी जी को पार्टी प्रेजिडेंट बनी रहना चाहिए: अशोक गहलोत
वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस प्रेजिडेंट बालासाहेब थोरट ने पत्र लिखकर कहा कि, अब राहुल जी को कांग्रेस का नेतृत्व करना चाहिए। मैं सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि राहुल जी वापस आएं। जब तक राहुलजी पदभार नहीं संभालते सोनिया जी अंतरिम प्रेजिडेंट की तौर पर जिम्मेदारी संभालती रहें। इस मामले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, 23 कांग्रेस नेताओं के पत्र पर यकीन नहीं होता है। अगर यह सच है तो दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि सोनिया गांधी जी को पार्टी प्रेजिडेंट बनी रहना चाहिए। जब भी लोकतंत्र को बचाने की बात आई है वह हमेशा आगे रहीं। लेकिन अगर उन्होंने मन बना ही लिया है तो राहुल गांधी को आगे आकर प्रेजिडेंट बन जाना चाहिए।

गर कोई चर्चा होनी है तो पार्टी लेवल पर हो मीडिया में नहीं: DK
मीडिया में नेतृत्व को लेकर चल रही खबरों पर कर्नाटक कांग्रेस चीफ, डीके शिवकुमार ने कहा कि, कर्नाटक में पूरी कांग्रेस चाहती है कि सोनिया गांधी और गांधी परिवाह के हाथ में ही पार्टी का नेतृत्व रहे। उन्होंने संकट के समय पर कांग्रेस को बचाया। अगर कोई चर्चा होनी है तो पार्टी लेवल पर हो मीडिया में नहीं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यदि कोई उन्हें (राहुल गांधी) पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापस आने के लिए कह रहा है, तो यह उनको तय करना है। जो भी उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहता है, मैं उनकी आवाज में शामिल होऊंगा। मुझे उम्मीद है कि वह तय करेंगे कि वह फिर से पार्टी अध्यक्ष होंगे। वहीं असम कांग्रेस प्रेजिडेंट रिपुन बोरा ने कहा कि, पहले की वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसदों ने सोनिया गांधी से कहा था कि पार्टी की कमान राहुल गांधी को दे दें क्योंकि नरेंद्र मोदी केवल राहुल गांधी से ही डरते हैं।
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