'ओडिशा में राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का हो रहा इस्तेमाल', समीर मोहंती के बयान पर BJD का पलटवार
ओडिशा के धार्मिक स्थलों में जगन्नाथ संस्कृति और श्रीमंदिर के अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शंकराचार्य के कथित रूप से दरकिनार किए जाने पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष समीर मोहंती ने मौजूदा सरकार को सनातक विरोधी तक बता डाला। वहीं बीजेपी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा की धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बीजेडी सरकार ने जो किया वो सब जानते हैं। बीजेपी ऐसी बयाबाजी सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती ने कहा कि ओडिशा में जिस तरह से शंकराचार्य को सरकार और मंदिर प्रशासन दरकिनार करना चाहता है ये निंदनीय है। भाजपा इसकी निंदा कर रही है। मोहंती ने कहा कि ऐसा करके ओडिशा में जगन्नाथ संस्कृति पर प्रहार किया जा रहा है। मोहंती ने कहा के ये सब जानते हैं कि शंकराचार्य जगन्नाथ संस्कृति और श्रीमंदिर के दैनिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसें में पुरी मंदिर प्रशासन और सरकार दोनों को उनकी बातों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

वहीं बीजेपी के इस बयान पर बीजेपी नेता समीर मोहंती बीजद विधायक ध्रुबा साहू ने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "मेरे पास उन लोगों के लिए कोई जवाब नहीं है जो राजनीतिक लाभ हासिल करने के इरादे से सनातन धर्म के बारे में बोल रहे हैं। लेकिन ओडिशा धार्मिक स्थलों को बदलने के लिए नवीन पटनायक को हमेशा याद रखेगा।"
मोहंती ने कहा, "चार धामों में से, पुरी धाम सर्वोच्च है। चिंता की बात यह है कि इस धाम के शंकराचार्य नाखुश हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण भी है. राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन द्वारा उन्हें दरकिनार करना सनातन धर्म का अपमान है।"












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