शिवसेना के बागी विधायकों ने असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए खोला खजाना, दान में दी इतनी रकम

गुवाहाटी, 29 जून: असम में पिछले हफ्ते से कैंप कर रहे महाराष्ट्र की सत्ताधारी शिवसेना के बागी विधायकों ने आज गुवाहाटी के पवित्र कामख्या मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की है। ये विधायक अब विश्वास मत में हिस्सा लेने के लिए वापस मुंबई लौटने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन, वापसी से पहले उनकी ओर से असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया गया है। दरअसल, इनपर विरोधी पार्टियों की ओर से लगातार आरोप लग रहे थे कि यह महंगे होटलों में आराम कर रहे हैं और राज्य की जनता बाढ़ की त्रासदी भुगत रही है। लेकिन, गुवाहाटी से लौटने से पहले उन्होंने प्रदेश की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उनकी सहायता करने का फैसला किया है।

बागी विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

बागी विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

गुवाहाटी में एक फाइव स्टार होटल में डेरा डाले शिवसेना के बागी विधायकों की वहां से रवानगी की तैयारियों के बीच वे असम के बाढ़ पीड़ियों के लिए अपनी तरफ से कुछ मदद देने का फैसला किया है। शिवसेना के बागी विधायकों का पहला जत्था 22 जून को सूरत से आने के बाद से गुवाहाटी के होटल में कैंप कर रहा है और बाद में इनका कई और जत्था टुकड़ों में प्राइवेट जेट के जरिए यहां पहुंचा है। स्थिति ये है कि एक तरफ महाराष्ट्र राजनीतिक संकट से जूझ रहा है तो असम के लोग भयानक बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। राज्य के बाढ़ पीड़ितों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए शिवसेना के बागी विधायकों ने उनकी सहायता के लिए कुछ रकम दान देने का फैसला किया है। गौरतलब है कि असम में बाढ़ की वजह से करीब 25 लाख लोगों पर संकट आया है और अब तक इसके चलते कम से कम 139 लोगों की मौत हो चुकी है।

शिवसेना के बागियों ने दिया 51 लाख रुपए का दान

शिवसेना के बागियों ने दिया 51 लाख रुपए का दान

बुधवार को शिवसेना के बागी विधायकों के प्रवक्ता की ओर से गुवाहाटी में बताया गया कि महाराष्ट्र के विधायकों ने असम में बाढ़ राहत के लिए 51 लाख रुपए का योगदान दिया है। शिवसेना के इन बागी विधायकों ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई में विद्रोह का बिगुल फूंक रखा है। इन विधायकों की विरोधियों की ओर से यह कहकर भी आलोचना हो चुकी है कि जहां असम की जनता बाढ़ से त्रस्त है, ये आलीशान होटल में आराम फरमा रहे हैं। इन आलोचनाओं के बीच बागी विधायकों के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 'शिंदे ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का दान दिया है, जो कि यहां जारी राहत कार्य में हमारी ओर से योगदान है। हम यहां के लोगों की दुर्दशा को नजरअंदाज नहीं कर सकते।'

गोवा जा सकते हैं बागी विधायक

गोवा जा सकते हैं बागी विधायक

केसरकर ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को गुरुवार को फ्लोर टेस्ट के लिए कहा है, इसलिए बागी विधायकों ने फैसला किया है कि गुवाहाटी से निकलकर मुंबई के नजदीक किसी जगह पर शिफ्ट करेंगे। जबकि, शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने कहा कि उनका ग्रुप गोवा के एक होटल में ठहरेगा और गुरुवार को सुबह 9.30 तक मुंबई पहुंचना है। उन्होंने कहा, 'हम ऐसी जगह पर ठहर रहे हैं, जहां से मुंबई की हवाई दूरी एक घंटे की है, जिससे हम आसानी से फ्लोर टेस्ट के लिए राज्य की राजधानी पहुंच सकते हैं। फैसला (फ्लोर टेस्ट में) वही होगा जिसकी मांग हम अपने नेतृत्व से लंबे समय से कर रहे थे।'

'उन्हें हमारे व्हिप का पालन करना होगा'

'उन्हें हमारे व्हिप का पालन करना होगा'

शिवेसना प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रति निराशा जाहिर कर बागी नेता ने कहा है कि बागी विधायक उनसे एनसीपी और कांग्रेस से अलग हठने को कह रहे थे, लेकिन उन्होंने कभी उनकी बात पर ध्यान ही नहीं दिया। केसरकर बोले- 'क्योंकि, शिवसेना के ज्यादातर विधायकों ने इन दोनों दलों से दूर जाने का फैसला किया, इसलिए उनके (ठाकरे) साथ बचे शिवसेना के बाकी विधायकों को फ्लोर टेस्ट के समय हमारे व्हिप का पालन करना होगा।' उनका कहना है कि निश्चित तौर पर ठाकरे कुछ निर्देश दे सकते हैं, लेकिन जब हम सदन में होंगे, तो हम देश के संविधान के साथ बंधे होंगे।

सुप्रीम कोर्ट में होगी फ्लोर टेस्ट पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में होगी फ्लोर टेस्ट पर सुनवाई

एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा था कि वे गुरुवार को बदहाल उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार के खिलाफ फ्लोर टेस्ट के लिए मुंबई लौटेंगे। इस बीच सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र के गवर्नर की ओर से उद्धव ठाकरे को गुरुवार शाम 5 बजे तक विश्वास मत हासिल करने के निर्देश देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है। यह याचिका उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु की ओर से राज्यपाल के निर्देश के खिलाफ डाली गई है।

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