दिल्ली में केजरीवाल की जादुई जीत के पीछे का राज

नयी दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को रोचक बनाने के साथ-साथ त्रिशुंक बनाने वाली आम आदमी पार्टी ने सबको चौंका दिया है। दिल्ली में 15 सालों से राज कर रही शीला दीक्षित सरकार को उखाड़ फेंकने में आम आदमी पार्टी ने अहम योगदान दिया है। कांग्रेस के साथ-साथ अरविंद केजरीवाल शीला को शिक्सत देने में भी कामयाब हुए है। नई दिल्‍ली सीट से शीला दीक्षित की शर्मनाक हार ने सबसे चौंका दिया तो वहीं सिर्फ एक साल पहले दिल्ली की सत्ता में पांव पसारने वाली आप को हासिल सीटों ने राजनीतिक की परिभाषा को बदल दिया है।

आम आदमी की समस्याओं के साथ राजनीति में कदम रखने वाले केजरीवाल आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने लोगों के मन से इस भ्रति को खत्म कर दिया है कि राजनीतिक मध्यम वर्ग के लोगों के लिए नहीं है। लगातार तीन सालों ने नयी दिल्ली सीट से जीत रही शीला दीक्षित को 22000 वोटों से हराकर केजरीवाल ने ना केवल कांग्रेस का सूपड़ा साफ किया बल्कि सरकार बनाने के रास्ते में भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। ऐसे में सब जानने चाहते है कि आप आदमी की इस जादुई जीत के पीछे का राज क्या है। ऐसी कौन सी बात है जिसकी वजह से आप पहली बार में ही दिल्ली में 24 सीटें जीतने में कामयाब रही है।

ईमानदारी और साफ सुथरी छवि

ईमानदारी और साफ सुथरी छवि

इनकम टैक्ट डिपार्टमेंट में ज्‍वाइंट कमिश्‍नर के पद से इस्‍तीफा देकर राजनीति में आए केजरीवाल पर की छवि साफ-सुथरी रही है। उनके ऊपर एक भी आरोप नहीं रहा है। अपनी इसी छवि को वो वोट में बदलने में कामयाब रहे है।

इच्‍छा शक्ति और दृढ़ता

इच्‍छा शक्ति और दृढ़ता

आप के संस्थापक केजरीवाल के व्‍यक्तित्‍व की इच्‍छा शक्ति और दृढ़ता ने भी उनकी जीत के रास्‍ते को आसान बना दिया। चुनाव के ऐलान के साथ ही उन्होंने शीला के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था और उन्होंने उसे पूरा भी किया। उनकी बातों में जो आत्मविश्वास दिखा उसे लोगों ने पसंद किया। उनके इसी विश्वास के कारण उन्हें शीला के खिलाफ जीत हासिल हुई।

अन्‍ना के आंदोलन का फायदा

अन्‍ना के आंदोलन का फायदा

अन्‍ना हजारे के भ्रष्‍टाचार विरोधी आंदोलनों से ही जन्मे केजरीवाल को इसका भी फायदा मिला।

16 दिसंबर की घटना के बाद युवा आए साथ

16 दिसंबर की घटना के बाद युवा आए साथ

16 दिसंबर की निर्भया आंदोलन में आम आदमी पार्टी लोगों के साथ खड़ी नजर आई थी। उनका के स्टंट युवाओं को उनके करीब लाने में कामयाब हुआ। जिसका फायदा उन्हें वोटों में हुआ।

वैकल्पिक राजनीति का रास्‍ता

वैकल्पिक राजनीति का रास्‍ता

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के दिल्‍ली की जनता के सामने नए विकल्‍प के तौर पर ऊभरी थी। जो लोग कांग्रेस और भाजपा से ऊब चुकी थी उनके लिए आप विकल्प के तौर पर सामने आई थी। जिसकी वजह से दिल्ली के मतदाताओं ने हाथों-हाथ लिया।

चुनावी रणनीति का नया तरीका

चुनावी रणनीति का नया तरीका

दिल्ली चुनाव को लेकर जहां कांग्रेस और भाजपा ने अपना चुनाव प्रचार पार्टी की प्लांनिग के मुताबिक किया तो वहीं आप कई महीने पहले से ही चुनाव प्रचार शुरु कर दिया था। डोर टू डोर कैंपेन आप का सबसे बड़ा हथियार बना। आप के उम्मीदवार लोगों के घर-घर जाकर वोट मांगते नजर आए।

झाडू का फायदा

झाडू का फायदा

आप के चुनाव चिन्‍ह् को सरकारी सफाईकर्मियों ने अपने दैनिक कामकाज में होने वाले झाडू से खुद को जोड लिया और जमकर समर्थन किया। जिसके कारण कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक भी 'आप' की तरफ खिसक गया।

पार्टी के नाम का फायदा

पार्टी के नाम का फायदा

केजरीवाल की पार्टी को उनके नाम का फायदा हुआ। आप को लोगों ने खुद के साथ जोड़कर देखा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+