नोटबंदी के 69 दिन बाद आरबीआई ने बचत खाताधारकों को दी एटीएम से 10,000 रुपए निकालने की इजाजत
भारतीय रिजर्व बैंक ने बचत खाताधारकों को राहत देते हुए हर दिन एटीएम से 10,000 रुपए निकालने की इजाजत दे दी है।
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने बचत खाताधारकों को राहत देते हुए हर दिन एटीएम से 10,000 रुपए निकालने की इजाजत दे दी है। देश में विमुद्रीकरण का फैसाल लागू होने के बाद एटीएम से हर दिन रुपए निकालने की सीमा को पहले 4000 रुपए तय किया गया था और फिर बाद में इस सीमा को बढ़ाकर 4500 रुपए कर दिया गया था। अब आरबीआई ने प्रति दिन बचत बैंक खाता धारक को एटीएम से 10,000 रुपए निकालने की इजाजत दे दी है। पर सप्ताह में बचत खाता धारक सिर्फ 24,000 रुपए ही निकाल पाएंगे।

वहीं चालू खाता धारकों के लिए बैंक खाते से रुपए निकालने की सीमा को 50,000 रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा दूसरी शर्तो पर अभी आरबीआई ने ढील नहीं दी है। इससे पहले आरबीआई ने एटीएम से रुपए निकालने को लेकर 28 नवंबर को नियम बदला था।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को विमुद्रीकरण का फैसला किया था जिसके बाद 500-1000 रुपए के पुराने नोट बंद हो गए थे। क्योंकि नए नोट छपने में समय लग रहा था, इसलिए आरबीआई ने एटीएम से हर दिन और साप्ताहिक रुपए निकालने की सीमा तय कर दी थी। शुरुआत में लोग चाहे 500-1000 रुपए के नोट जमा निश्चित और नियमों के हिसाब से जमा कर सकते थे और प्रतिदिन 4500 रुपए और हर सप्ताह 24000 रुपए निकालने की अनुमति दी गई थी। पर पर्याप्त मात्रा में नोट न छपने के कारण अधिकतर बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गई थीं। Read also: RBI के कर्मचारियों ने गवर्नर उर्जित पटेल को लिखा पत्र, कहा- नोटबंदी के बाद से हम हुए अपमानित
एक तरफ केंद्र सरकार इस फैसले से आतंकवाद, कालाधन, भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने के साथ-साथ कैशलेस अर्थव्यवस्था की बात कही थी तो दूसरी तरफ विपक्ष ने सरकार को बैंकों में लगी लंबी-लंबी लाइनों और इस दौरान 100 से ज्यादा लोगों की मौतों पर केंद्र सरकार को घेरा था। इस फैसले के बाद आरबीआई के पूर्व गवर्नरों ने भी सरकार के समक्ष आरबीआई की साख गिरने पर सवाल उठाया था और आरबीआई कर्मचारी यूनियन ने भी इस बावत केंद्र सरकार से शिकायत की थी।












Click it and Unblock the Notifications