टेलिकॉम सेक्टर की खस्ताहाल: अब रविशंकर प्रसाद ने निर्मला सीतारमण से लगाई मदद की गुहार
नई दिल्ली: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि लाइसेंस शुल्क में कटौती करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा उनसे वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) में भी कटौती की मांग कर बुरी हालत में चल रहे टेलीकॉम सेक्टर को राहत देने की अपील की है। उन्होंने इसके साथ ही टेलिकॉम कंपनियों से वसूले जाने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में वसूले गए 36,000 करोड़ रुपये को जीएसची के साथ समायोजित करने की मांग की है।

रविशंकर प्रसाद ने मांगी वित्तमंत्री से मदद
रविशंकर प्रसाद ने 22 अगस्त को वित्त मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में कहा कि मैंने टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बात की है ताकि समय रहते इस सेक्टर के ग्रोथ के लिए सही कदम उठाया जा सके। ये डेवलपमेंट प्रसाद की वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और नए सीईओ रविंदर ठक्कर से मुलाकात के बाद आया है।
जीएसटी कम करने की मांग

जीएसटी कम करने की मांग
रविशंकर प्रसाद ने दूरसंचार उपकरणों में लगने वाले जीएसटी में कटौती का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसे पहले 18 फीसदी से हटाकर 12 फीसदी करा जाए और बाद में धीरे-धीरे और कम। प्रसाद ने सीतारमण को बताया कि दूरसंचार नेटवर्क देश के आवश्यक बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्योंकि ये अन्य सेवाओं के लिए रीढ़ की हड्डी के रूप में काम करते हैं।

एजीआर में आई गिरावट
प्रसाद ने इस पर भी जोर दिया कि टेलिकॉम सेक्टर का वित्त वर्ष 2018-19 में अडजस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू (एजीआर) एक चौथाई घटकर 1.39 लाख करोड़ रुपये रह गया है। वित्त वर्ष 2016-17 में यह 1.85 लाख करोड़ रुपये था। इससे साफ पता चलता है कि टेलिकॉम सेक्टर की सेहत कितनी खराब है। इस सेक्टर पर करीब 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें भारती एयरटेल का 1.16 लाख करोड़ रुपये, वोडाफोन का 99,300 करोड़ रुपये का कर्ज है। सितंबर 2016 में टैरिफ वॉर शुरू होने के बाद रिलायंस जियो इन्फोकॉम एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसने टेलीकॉम इंडस्ट्री में मुनाफा दर्ज किया है। इस लहर में एयरसेल और रिलायंस कम्यूनिकेशन दिवालिया हो गए।

चार्जेज को घटाने की भी मांग
उन्होंने अपने पत्र में ये भी लिखा कि केंद्र सरकार सालाना लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज में भी कटौती करे। सरकार ने वित्त वर्ष 2020 के लिए टेलिकॉम सेक्टर के लिए 50,519 रुपये का बजट का प्रावधान किया था, जोकि मुख्यत: लाइसेंस फीस, स्पेक्ट्रम पेमेंट और स्पेक्ट्रम चार्ज की कमाई से आयेगा। प्रसाद ने यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फीस को मौजूदा 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications