पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा, बूढ़े हो गये हैं रतन टाटा

उन्हें पश्चिम बंगाल में अपनी कंपनी के विस्तार की भी जानकारी नहीं है। वह बुजुर्गियत के शिकार हो गए हैं। मित्रा ने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टाटा मेटालिक जैसी कई कंपनियां राज्य में अपना विस्तार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी समूह 600 करोड़ रुपये के निवेश से एक सीमेंट संयंत्र स्थापित करना चाह रहा है, जबकि ईमामी समूह भी यहां एक इकाई स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में निवेश करने वाले उद्योगों की सूची इतनी लंबी है कि उसे पढ़ने में पूरा दिन बीत जाएगा। उल्लेखनीय है कि टाटा को अपनी नैनो कार निर्माण इकाई को राज्य के सिंगूर से हटा कर गुजरात के सानंद ले जाना पड़ा था। टाटा ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि निश्चित रूप से भवनों एवं विकास के नजरिए से अविश्वसनीय परिवर्तन हुआ है, लेकिन यह अब भी देहात के अविकसित क्षेत्र जैसा लगता है। वाणिज्यिक और रिहायशी तौर पर काफी गतिविधि है, लेकिन अधिक औद्योगिक विकास नहीं दिखता है। मित्रा के बयान की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आलोचना की है और कहा है कि जितना सुहाना परिदृश्य दिखाया जा रहा है, उतना है नहीं।












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