• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

रेप, हत्या से पहले बंधक रखी गई थी बच्ची, 'डीएनए टेस्ट से हुई पुष्टि'

By Bbc Hindi
कठुआ बलात्कार मामला, रेप, बलात्कार, डीएनए टेस्ट
BBC
कठुआ बलात्कार मामला, रेप, बलात्कार, डीएनए टेस्ट

जम्मू-कश्मीर में आठ साल की एक बच्ची के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले की आधिकारिक जांच में यह सामने आया है कि रेप और हत्या से पहले उसे एक मंदिर में बंधक बना कर रखा गया था. एक नए डीएनए टेस्ट में यह बात सामने आई है.

इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कठुआ ज़िले के एक मंदिर में बाल की कुछ लटें मिली हैं, जो मृतक के बालों से मेल खाती हैं. यहां की हिंदू और मुस्लिम आबादी के विरोध के बीच राज्य क्राइम ब्रांच पिछले तीन महीनों से इस मामले की जांच कर रही है.

हालांकि अधिकारियों ने इस जांच के निष्कर्ष के बारे में नहीं बताया. क्राइम ब्रांच प्रमुख अफ़्दुल मुज्तबा ने बीबीसी से कहा, "मीडिया में आई बातों से मैं इनकार नहीं करता हूं."

बलात्कार के अभियुक्त के समर्थन में लहराए गए तिरंगे

क्या है मामला?

नाबालिग आसिफ़ा यूसुफ 10 जनवरी से ही गुम थीं. वो अपने आदिवासी गांव रसना के पास ही जंगल में अपने परिवार के खच्चरों को चराने गई थीं और फिर कभी घर नहीं लौटीं.

17 जनवरी को उनका शव मिला, जिसपर चोट के निशान थे. इसके बाद से ही इलाके में राजनीतिक उथल पुथल मची हुई है.

जांच एजेंसी ने अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड संजी राम और उनके बेटे विशाल कुमार समेत नौ अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है. इसमें एक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल, दो एसपीओ और एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं.

रिटायर्ड राजस्व अधिकारी संजी राम ने 20 मार्च को क्राइम ब्रांच के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. इससे ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ से उनके बेटे विशाल कुमार को गिरफ़्तार किया गया था.

इस घटना के बाद पूरे राज्य में मचे हंगामे के बीच दोनों बाप-बेटे लगातार गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश में लगे थे.

स्टेट क्राइम ब्रांच
GETTY
स्टेट क्राइम ब्रांच

सोची समझी साज़िश

जांच से पता चला है कि यह कोई बिना सोचे समझे किया गया अपराध नहीं था, बल्कि बकरवाल समुदाय के लोगों को वहां से हटाने की मंशा से इस सुनियोजित हत्या को अंजाम दिया गया.

जांच के मुताबिक संजी राम रसाना गांव से इस समुदाय को हटाने पर आमादा रहे हैं.

एसआईटी ने पिछले हफ़्ते हाई कोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट में बताया, "इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड ने इलाके से बकरवाल समुदाय को हटाने के उद्देश्य से अन्य लोगों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध की साज़िश को डिजाइन किया."

जांच और इसके बाद की गई गिरफ़्तारी से कठुआ के हिंदुओं ने भाजपा समेत कुछ राजनीतिक पार्टियों के समर्थन से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एक नए समूह हिंदू एकता मंच ने किया, जिससे इस इलाके में सांप्रदायिक तनाव का भय पैदा हो गया.

महबूबा मुफ़्ती
EPA
महबूबा मुफ़्ती

महबूबा के बयान के बाद जांच में तेज़ी

राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस मामले में तर्कसंगत जांच के लिए केंद्र सरकार से समर्थन मांगा था.

उन्होंने सार्वजनिक रूप से वचन दिया था कि 'आसिफ़ा के हत्यारों को दंडित किया जाएगा.'

इसके बाद भाजपा के बड़े नेताओं ने हिंदुओं के इस विरोध प्रदर्शन से पार्टी को अलग कर लिया और फिर जांच और गिरफ़्तारियां हुईं साथ ही उन्होंने राज्य की पुलिस को "बिना किसी दबाव" के जांच करने को कहा.

आसिफ़ा के परिवार के लिए इस मामले के पैरवी कर रहीं वकील दीपिका ने ताज़ा जांच से संतुष्टि जताई. उन्होंने कहा, "हमें देश की न्याय व्यवस्था में पूरा यकीन है. अभी डीएनए रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है लेकिन मुझे यकीन है कि कोर्ट से पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा."

आसिफ़ा के कथित बलात्कार और हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण पुलिस की कैद में रहने वाले तालिब हुसैन ने कहा कि उन्हें और उनके समर्थकों को यकीन था कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी.

उन्होंने कहा, "क्राइम ब्रांच ने शानदार काम किया है और हमें उम्मीद करते हैं कि न्याय मिलेगा."

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Rap kidnapped girl before being murdered confirmation from DNA test

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X