रणजीत सिंह आयोग: बहिबलकलां फायरिंग में प्रकाश सिंह का बादल का हाथ
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में जस्टिस (रिटायर्ड) रणजीत सिंह आयोग की फाइनल रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें कहा गया है कि बहिबलकलां कांड में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पुलिस फायरिंग के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति रणजीत सिंह आयोग का गठन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने किया था। इस घटना की जांच में पाया गया है कि पूर्व सीएम ने ही प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के आदेश दिए थे, जिसमें दो सिखों की मौत भी हुई थी।

पंजाब विधानसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि पुलिस ने बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धरने पर बैठे प्रदर्शनाकारियों को हटाने के लिए फायरिंग की थी। हालांकि, अकाली दल ने इस रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया है।
इस रिपोर्ट के भाग -1 के पेज नंबर 50 से 52 में स्पष्ट कहा गया है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल डीजीपी के साथ-साथ जिला प्रशासन के संपर्क में थे और जिसके बाद कोटकपूरा में पुलिस द्वारा अंततः की गई कार्रवाई के बारे में यह नहीं कहा जा सकता है कि वे (बादल) इसके बारे में अनभिज्ञ थे।
वहीं, बादल ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई शुचिता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आवास पर इसे तैयार किया गया है। अकाली दल ने कांग्रेस पर पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं के लिए अकालियों को जिम्मेदार ठहराकर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है। विपक्षी विधायकों ने सरकार विरोधी नारे भी लगाये।
Justice Ranjit Singh Commission report states, "It's clear that Parkash Singh Badal wasn't only in touch with district administration, but was in touch with DGP as well, & was quite aware of the situation developing at Kot Kapura & also about the proposed action by the police" pic.twitter.com/QXtYG7ODO1
— ANI (@ANI) August 27, 2018












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