रमेश बिधूड़ी विवाद पर विपक्ष एकजुट, लोकसभा स्पीकर से विशेषाधिकार प्रस्ताव की कार्यवाही शुरू करने की मांग
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी की 'असंसदीय' भाषा के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। गठबंधन में शामिल दलों के सांसदों की ओर से एक के बाद एक लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और लोकसभा महासचिव को कार्यवाही की शुरुआत करने के लिए चिट्टियां लिखी गई हैं।
दक्षिणी दिल्ली से बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई के लिए यह चिट्ठी कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और डीएमके दलों के नेताओं की ओर से लिखी गई है। ये सारे दल विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल हैं। रमेश बिधूड़ी पर बीएसपी सांसद दानिश अली के खिलाफ लोकसभा में अभद्र और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने की सख्त कार्रवाई की मांग
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बीजेपी एमपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लंबी-चौड़ी चिट्ठी लिखी है। कांग्रेस सांसद और पश्चिम बंगाल के पार्टी अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से अनुरोध किया है कि रमेश बिधूड़ी के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करें।
दानिश अली के अल्पसंख्यक होने का मुद्दा उठाया
चौधरी ने अपनी चिट्ठी में दानिश अली को अल्पसंख्यक समुदाय के नेता के रूप में भी संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि सबसे शर्मनाक बात ये है कि यह घटना संसद के विशेष सत्र के दौरान हुई है; और वह भी तब जब सदन में मिशन चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा हो रही थी।
मामले को विशेषाधिकार समिति में भेजना उचित-कांग्रेस
उन्होंने दावा किया है कि संसद के इतिहास में किसी अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य के खिलाफ ऐसे शब्द इस्तेमाल नहीं हुए हैं और वो भी स्पीकर की मौजूदगी में। उन्होंने स्पीकर से कहा है कि हालांकि आपने वह आपत्तिजनक शब्द संसद के रिकॉर्ड से हटवा दिए हैं, लेकिन मीडिया में वह फिर भी मौजूद है। उन्होंने कहा है कि यह विपक्ष और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा है कि इसलिए इस मामले को विशेषाधिकार समिति में भेजना उचित है और संबंधित सदस्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जरूरी है।
एनसीपी-टीएमसी सांसदों ने लोकसभा महासचिव को लिखी चिट्ठी
उधर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और टीएमसी की एमपी अपरूपा पोद्दार ने भी इस मामले में लोकसभा के महासचिव को चिट्ठी लिखकर बीएसपी के सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ भाजपा सांसद की असंसदीय टिप्पणी के लिए विशेषाधिकार प्रस्ताव की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।
वहीं डीएमके सांसद कणिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखकर विशेषाधिकार प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने नियम 222 का हवाला देते हुए सदन के विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया है। उन्होंने कहा है कि बयान बहुत शर्मनाक था। इसलिए इसपर विशेषाधिकार समिति को विचार करना चाहिए।
डीएमके सांसद कणिमोझी ने ऐसी ही चिट्ठी स्पीकर को लिखकर मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपने की मांग की है।












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