Ramesh Bidhuri: दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी कौन हैं? जिन्होंने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल
दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी गलत वजहों से चर्चा में आ गए हैं। उनपर लोकसभा में बीएसपी सांसद दानिश अली के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगा है। पार्टी ने उन्हें इसके लिए कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।
उनके असंसदीय शब्दों को संसद की कार्यवाही से भी हटा दिया गया है और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में ऐसी गलती दोहराई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, इस घटना से भारतीय जनता पार्टी की छवि को बड़ा धक्का लगा है।

रमेश बिधूड़ी कौन हैं?
18 जुलाई, 1961 को जन्मे रमेश बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के सांसद हैं। वे मूलरूप से दक्षिणी दिल्ली के ही ऐतिहासिक तुगलकाबाद गांव इलाके के रहने वाले हैं। सांसद चुने जाने से पहले वे लगातार तीन बार (2003-2014 तक) एमएलए भी रह चुके हैं।
छात्र जीवन से ही कर रहे हैं राजनीति बिधूड़ी
मौजूदा समय में वे संसद की पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस कमेटी के चेयरमैन हैं। बिधूड़ी ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था और शहीद भगत कॉलेज के सेंट्रल काउंसलर चुने गए थे। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी की कार्यकारी समिति के लिए भी उनका चुनाव हुआ। वे 1983 से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय हो गए थे।
रमेश बिधूड़ी की शिक्षा और पेशा
बिधूड़ी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी कॉम और यूपी के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की है। अगर राजनीति से अलग उनके पेशे की बात करें तो वे वकील भी हैं और बिजनेस के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी दिलचस्पी रखते हैं। वे दिल्ली हाई कोर्ट के वकील हैं।
खास देशी अंदाज के लिए जाने जाते हैं दिल्ली के ये सांसद
वे पहली बार 16वीं लोकसभा के लिए मई, 2014 में चुनाव जीते थे। 2019 में 17वीं लोकसभा में भी उनका चुनाव उसी सीट से हुआ। गुर्जर जाति से ताल्लुक रखने वाले रमेश बिधूड़ी दिल्ली के सांसद होते हुए भी अपनी खास देशी अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 2008 से वे दिल्ली प्रदेश बीजेपी के महासचिव पद पर भी कार्यरत हैं।
सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में भी ऐक्टिव रहते हैं
सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों को देखें तो वे शिव आसरा एनजीओ से सक्रिय तौर पर जुड़े रहे हैं। वह सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। वह हेल्थ कैंप को लेकर भी काफी ऐक्टिव रहे हैं और बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल हमेशा उनकी चिंता का विषय रहा है।
दिल्ली के संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते हैं रमेश बिधूड़ी
बिधूड़ी के पिता भी एक समर्पित सोशल वर्कर थे और उनके दादा ने अपनी पैतृक संपत्ति का बड़ा हिस्सा एक आर्य समाज मंदिर, एक स्कूल और तुगलकाबाद गांव में अस्पताल के निर्माण के लिए दान में दे दिया था। इस जमीन पर सरकारी स्कूल और एक अस्पताल का निर्माण हुआ है।
जब भी उन्हें अपने व्यस्त राजनीतिक गतिविधियों से फुर्सत मिलती है तो वे सोशल वर्क के साथ-साथ खेती और अपने बिजनेस में भी दिलचस्पी लेते हैं। उनका स्टोन क्रशर का कारोबार है।
वे छात्र जीवन में क्रिकेट में भी काफी दिलचस्पी रखते थे। 2007-08 में एमएलए बनाम प्रेस रिपोर्टर मैच में उन्हें बेस्ट बॉलर का प्राइज मिला था।












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