Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मोहन भागवत के बयान पर बोले पीएम मोदी के मंत्री- आरक्षण पर बहस की जरूरत नहीं, बना रहेगा

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को आरक्षण पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर बहस की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि दलितों और ओबीसी को मिलने वाले आरक्षण कम नहीं होगा। उन्होंने ये टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा रविवार को दिए गए बयान को लेकर की।

'आरक्षण पर बहस की जरूरत नहीं'

'आरक्षण पर बहस की जरूरत नहीं'

रामदास अठावले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी जी ने कई बार यह कहा है कि आरक्षण (दलितों और ओबीसी का) कम नहीं होगा। मुझे नहीं लगता कि आरक्षण की समीक्षा करने की कोई आवश्यकता है। जिन लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए, उन्हें आरक्षण अवश्य मिलेगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने आगे कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा प्रदान किया गया है और कोई भी समाज के पिछड़े वर्ग से इसे ले नहीं सकता है।

'आरएसएस ने दी सफाई'

रामदास अठावले ने कहा कि मोहन भागवतजी ने जो कुछ कहा था, उस पर आरएसएस ने सफाई दे दी है। मैं इस देश के दलितों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी बहस या पुनर्विचार का प्रश्न ही नहीं उठता। यह संवैधानिक अधिकार है और कोई दलितों से यह नहीं ले सकता। नरेंद्र मोदी सरकार को दलित विरोधी नहीं समझा जाना चाहिए। गौरतलब है कि आरएसएस के प्रचार प्रमुख अरूण कुमार ने ट्वीट किया था कि उनके संगठन ने बार बार स्पष्ट किया है कि वह दलितों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तथा आर्थिक आधार पर आरक्षण पा रहे लोगों के आरक्षण का पूरा समर्थन करता है।

मोहन भागवत ने क्या कहा था?

मोहन भागवत ने क्या कहा था?

गौरतलब है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि जो लोग आरक्षण के समर्थन में हैं, उन्हें यह ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए कि उन लोगों का हित भी सुरक्षित रहे, जो लोग आरक्षण के विरोध में हैं। ठीक इसी तरह से जो लोग आरक्षण के विरोध में हैं, उन्हें इस बात का ध्यान रखते हुए बोलना चाहिए कि जो लोग इसके समर्थन में हैं, उनके हितो की रक्षा हो। दोनों को एक दूसरे का ख्याल रखना चाहिए। भागवत ने कहा कि आरक्षण पर जब भी चर्चा की बात होती है, लोग इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देने लगते हैं, जबकि इस मसले पर अच्छे माहौल में चर्चा होनी चाहिए, जिसमे समाज के हर वर्ग को हिस्सा लेना चाहिए। वो पहले भी आरक्षण की समीक्षा की बात कह चुके हैं

मायावती ने किया विरोध

मायावती ने किया विरोध

मायावती ने मोहन भागवत के बयान का विरोध करते हुए मंगलवार को ट्वीट किया कि आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के सम्बंध में यह कहना कि इसपर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है जिसकी कोई जरूरत नहीं है। आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है जिससे छेड़छाड़ अनुचित व अन्याय है। संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+