महाराष्ट्र में किसका होगा मुख्यमंत्री, रामदास आठवले ने लिया इस पार्टी का नाम
मुंबई। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर घमासान थमता नहीं दिख रहा है। बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव जरूर लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। लेकिन, चुनाव जीतने के बाद भी मुख्यमंत्री के पद को लेकर दोनों ही पार्टियां अभी तक एक राय पर नहीं पहुंची हैं। दोनों ओर से सीएम पद के लिए डिमांड की जा रही है। शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी है, जबकि बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है। दोनों पार्टियों में जारी खींचतान के चलते प्रदेश में नई सरकार के गठन में देरी हो रही है। इस बीच बीजेपी-शिवसेना के साथ गठबंधन में शामिल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले ने अहम प्रतिक्रिया दी है। आठवले ने स्पष्ट किया है कि शिवसेना और बीजेपी में से किसे मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलनी चाहिए।

रामदास आठवले बोले- सीएम बीजेपी का होना चाहिए
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा और शिवसेना के बीच जारी खींचतान के बीच रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का होना चाहिए। यही नहीं रामदास आठवले का एक और बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी-शिवसेना सरकार बनाने में विफल होते हैं तो एनसीपी विधायकों से बात करके सरकार गठन के लिए आगे बढ़ा जा सकता है। मैं एनसीपी को साथ लाने के लिए शरद पवार से बात कर सकता हूं। यही नहीं आठवले ने ये भी कहा कि पवार मेरे अच्छे दोस्त हैं।

सीएम पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का पहले भी कर चुके हैं समर्थन
बता दें कि इससे पहले भी रामदास आठवले ने साफ कहा था कि वो देवेंद्र फडणवीस को बतौर मुख्यमंत्री अपना समर्थन देंगे। सीएम पद के लिए फडणवीस हमारे लिए पहले दावेदार हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि हम चाहते हैं कि प्रदेश में ऐसा मुख्यमंत्री बने जो पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करे। वहीं रामदास अठावले ने आदित्य ठाकरे को लेकर कहा था कि अभी उनके पास सीएम बनने और राज्य की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव नहीं है।

'शरद पवार मेरे अच्छे दोस्त, साथ लाने के लिए कर सकता हूं बात'
फिलहाल महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच बयानबाजी भी जमकर हो रही है। शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने एक बयान में कहा है कि अगर राज्य में सरकार के गठन में देरी होती है, या फिर सत्ताधारी पार्टी का कोई मंत्री कहता है कि सरकार का गठन नहीं हुआ तो राष्ट्रपति शासन लागू किया जाएगा, तो क्या यह चुने गए विधायकों के लिए धमकी है?' यही नहीं राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में इस समय जिस तरह की स्थिति चल रही है, उसमें सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे से बातचीत कर रहे हैं, सिवाय भाजपा और शिवसेना के। भाजपा और शिवसेना को छोड़ बाकी सभी पार्टियां बातचीत कर रही हैं।
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