VIDEO: 'वो न baby है न Bibi', Wife वाले बयान पर अब Rambhadracharya ने दिया नया स्टेटमेंट
तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने बयानों के चलते फिर से विवादों के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिसमें उन्होंने अंग्रेजी शब्द 'WIFE' को आनंद का खिलौना बताया था, उन्हें चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी।
इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद, अब जगद्गुरु ने उस बयान पर सफाई पेश की है। उन्होंने कहा है कि उनकी प्रतिभा को धूमिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जबकि भारतीय संस्कृति में महिला सिर्फ 'देवी' है।

एक तरफ जहां उन्होंने 'पत्नी' विवाद पर सफाई दी, वहीं संभल के श्री कल्कि महोत्सव से उन्होंने देश, धर्म और राष्ट्रवाद को लेकर संदेश दिया है। 'भारत माता' को डायन कहने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा करने की मांग से लेकर 'वंदे मातरम' का विरोध करने वालों को पाकिस्तान चले जाने तक की खुली चुनौती दी गई है।
'पत्नी' बनाम 'वाइफ' विवाद पर सफाई
दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अंग्रेज़ी शब्द 'WIFE' का फुल फॉर्म बताते हुए विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि 'WIFE' का अर्थ है "Wonderful Instrument For Enjoy (आनंद के लिए एक आश्चर्यजनक उपकरण/खिलौना)। इस वीडियो के सामने आने और तीखी टिप्पणियों के बाद उन्होंने अब इस पर सफाई दी है।
सफाई में नया बयान
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कही गई बात पूरी तरह शास्त्रसम्मत है, लेकिन उनकी प्रतिभा को धूमिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि भारत में न 'बीवी' स्वीकृत है और न ही 'वाइफ', यहां 'पत्नी' होती है जो पति को पतन से बचाती है। उन्होंने कहा कि, 'भारतीय संस्कृति में महिला न बेबी है, न बीबी है, वह तो देवी है।' उन्होंने कहा कि भारत में नारी का उपयोग भोग के लिए नहीं, बल्कि योग के लिए होता है, और हिन्दू धर्म में पत्नी वह है जो पति के साथ यज्ञ में साथ देती है।
राष्ट्र, धर्म और 'वंदे मातरम' पर सख्त संदेश
कल्कि महोत्सव के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने देश और धर्म को लेकर कई तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा कि भारत माता का अपमान अब देश बिल्कुल नहीं सहेगा और ऐसा करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत माता को 'डायन' कहने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनका मानना है कि इस देश में रहने वाले हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह गंगा माता, गौ माता और भारत माता को मां की तरह सम्मान दे।'
उन्होंने 'वंदे मातरम' का विरोध करने वालों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग इस देश की मिट्टी में रहकर भी देश के सम्मान में 'वंदे मातरम' नहीं कह सकते, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। उन्होंने भारतीयों से सूरदास, कबीरदास और तुलसीदास जैसे संतों के मार्ग पर चलने की अपील की, न कि अकबर या बाबर की सोच रखने की कोशिश करने की।'












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