Ramayan: जानिए 'रामायण' के राम ने क्यों कहा- अवार्ड पाने की आकांक्षा नहीं थी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है, ऐसी परिस्थिति में लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं, लेकिन इसी बीच टीवी पर पुराने ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' और 'महाभारत' की वापसी हुई , जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और एक बार फिर से साबित हो गया कि ये दोनों वाकई में निर्देशन की अनुपम कृति है, 'रामायण' के सारे कलाकारों के बारे में भी जानने की लोगों में उत्सकुता देखी गई है, खासकर के 'रामायण' के राम अरुण गोविल के बारे में, जिनके बारे में लोग हर बात जानना चाहते हैं।

टीवी के 'राम' का सोशल मीडिया पर छलका था दर्द
हालांकि हाल ही में अरुण गोविल ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने 'रामायण' में निभाए गए अपने किरदार को लेकर कोई राजकीय सम्मान ना पाने पर सरकार से नाराजगी जाहिर की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनको लेकर काफी बातें होने लगीं और ट्विटर पर AwardForRamayan ट्रेंड होने लगा लेकिन बात को बढ़ता देख एक्टर ने इस बारे में एक और ट्वीट करके अपना रूख साफ किया है।
अरुण गोविल ने किया ये Tweet
अरुण गोविल ने ट्विटर पर लिखा है कि मेरा मंतव्य, प्रश्न का उत्तर देना था। कोई अवार्ड पाने की आकांक्षा नहीं थी, हालांकि राजकीय सम्मान का अपना अस्तित्व होता है पर दर्शकों के प्यार से बड़ा कोई अवार्ड नहीं होता जो मुझे भरपूर मिला है। आप सभी के असीम प्रेम के लिए सप्रेम धन्यवाद। अरुण गोविल का ये ट्वीट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

33 साल बाद किसी मंच पर एक साथ दिखे थे राम-लक्ष्मण और सीता
मालूम हो कि पब्लिक डिमांड पर अगर 'रामायण' जैसे शो को प्रसारण किया जा रहा है तो इसके पीछे इस शो की ऐतिहासिक सफलता है, जिसे शब्दों में बयां कर पाना बहुत मु्श्किल है, हाल ही में 'रामायण' की स्टार कास्ट 'द कपिल शर्मा शो' पर आई थी, जिसमें शो के राम-लक्ष्मण और सीता पूरे 33 साल बाद किसी मंच पर साथ दिखाई दिए थे, तो वहीं इस शो में रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर भी पहुंचे थे, जिन्होंने शो में 'अन एपिक लाइक ऑफ रामानंद सागर फ्रॉम बरसात टू रामायण' किताब का जिक्र भी किया, जिसमें रामानंद सागर की पूरी लाइफ हिस्ट्री है, इस किताब को प्रेम सागर ने ही लिखा है, जिसमें उनकी मदद उनके बेटे शिव सागर ने भी मदद की है।

लोग शो के किरदारों को ही रीयल भगवान मान बैठे थे...
गौरतलब है कि 'रामायण' का प्रसारण जनवरी 1987 से जुलाई 1988 तक हुआ था। उस वक्त ये सीरियल सुपरहिट रहा था। सीरियल का प्रसारण रविवार की सुबह होता था। जब ये सीरियल प्रसारित होता था सभी सीरियल देखने में इतने व्यस्त हो जाते थे कि सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था, इस लोकप्रियता का तो ये आलम था कि लोग शो के किरदारों को ही रीयल भगवान मान बैठे थे।

अरुण गोविल ने बहुचर्चित फिल्मों में काम किया था...
आपको बता दें कि धारावाहिक में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने इस शो से पहले 'इतनी सी बात' 'श्रद्धांजलि' 'जियो तो ऐसे जियो' 'सावन को आने दो' जैसी बहुचर्चित फिल्मों में काम किया था लेकिन जब वो 'रामायण' में राम बने तो वो राम के ही होकर रह गए, आज अरुण गोविल बड़े और छोटे दोनों ही पर्दे से दूर हैं।












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