नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए रामचंद्र गुहा
बेंगलुरू। इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में हिरासत में ले लिया गया है। वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनके अलावा प्रदर्शन करने वाले अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। ये लोग शहर के टाउन हॉल में प्रदर्शन कर रहे थे, जहां धारा 144 लागू है। गुहा ने हिरासत में लिए जाने के बाद कहा, 'मुझे पुलिस ने इसलिए हिरासत में ले लिया है क्योंकि मैंने गांधी का पोस्टर पकड़ा हुआ था और प्रेस से संविधान के बारे में बोल रहा था।'

देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन
इस कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस कानून से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम समुदाय के लिए भारतीय नागरिकता लेना आसान हो गया है। वहीं विरोध करने वालों का कहना है कि ये कानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव कर रहा है और ये संविधान का उल्लंघन है।
30 लोग हिरासत में
बेंगलुरू पुलिस ने इस प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी, बावजूद इसके शहर में मार्च निकाला जा रहा था। जिसके बाद सुबह से ही प्रमुख सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। रामचंद्र गुहा भी प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च में शामिल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने गुहा सहित 30 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने क्या कहा?
मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का कहना है, 'नागरिकता कानून के विरोध में जो प्रदर्शन हो रहे हैं, उसके पीछे कांग्रेस का हाथ है। मुस्लिमों का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की जाती है। अगर कांग्रेस के नेता विरोध प्रदर्शन का समर्थन करना ऐसे ही जारी रखते हैं तो उन्हें परिणामों का सामना करना होगा।'
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