Pratishtha Dwadashi: रामलला का दिव्य महाभिषेक, धारण किए भव्य आभूषण, Ram Mandir में उमड़े हजारों श्रद्धालु
Ram Mandir Pran Pratishtha Anniversary: अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ यानी प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी का उत्सव तीन दिन मनाया जाएगा। जिसकी शुरुआत शनिवार यानी 11 जनवरी से हुई। दोपहर में रामलला का महाभिषेक होने के साथ उत्सव की विधिवत शुरू हुई। ऐसे में दुनियाभर के करोड़ों लोग रामलला का दर्शन कर सकें, इसलिए दूरदर्शन और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि परिसर की सजावट ऐसी है कि मुख्य द्वार से ही राम मंदिर की भव्यता का अंदाजा लगता है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में हर वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ का उत्सव शनिवार से शुरु हुआ। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव गर्भगृह में विराजमान रामलला का दर्शन पूजन कर साष्टांग दंडवत कर आशीर्वाद लिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रोच्चार के बीच प्रभु रामलला का दुग्धाभिषेक, दही, मधु, घी और शक्कर से अभिषेक कर सरयू जल से स्नान करवाया। प्रथम वर्षगांठ के कार्यक्रम को देखते हुए तीन दिन तक सभी तरह के पास को बंद कर दिया गया है। ऐसे में प्रतिष्ठा द्वादशी के उत्सव को देखने के लिए डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
रामलला का भव्य श्रंगार
सरयू जल से स्नान के बाद उनका श्रृंगार कर वस्त्र धारण करवाया गया। उन्हें सोने चांदी के तारों से नक्काशी से बना विशेष पीत वस्त्र धारण करवाया गया। रत्नजटित आभूषण पहनाया गया। यह प्रक्रिया 12:30 बजे तक चली। महाआरती के साथ ही 56 व्यंजनों का भोग लगाया गया। शनिवार से ही श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद भोग का वितरण भी शुरू किया गया।
तीन दिन तक मनाया जाएगा उत्सव
प्रतिष्ठा द्वादशी का उत्सव तीन दिन तक चलेगा। दरअसल, प्राण प्रतिष्ठा के वर्षगांठ पर हिंदू कैलेंडर के मुताबिक अयोजित की जा रही है। हालांकि पिछले वर्ष 22 फरवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान किया गया था। लेकिन हिंदी कैलेंडर के मुताबिक पिछले वर्ष जो तिथि 22 फरवरी को थी वो इस बार 11 जनवरी को ही पड़ी है। ऐसे हिंदी महीने के मुताबिक रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का का उत्सव यानी प्रतिष्ठा द्वादशी को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने 11 जनवरी को ही ये उत्सव मनाने का निर्णय किया।
प्रतिष्ठा द्वादशी के उत्सव में 2000 से अधिक अतिथि आमंत्रित
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पहले वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 2 हजार से अधिक अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि अतिथियों के अलावा सामान्य लोगों को भी अंगद टीला के कार्यक्रम स्थल पर जाने के लिए छूट दी गई है, लेकिन गर्भगृह और यज्ञ मंडल के कार्यक्रमों में सीमित करीब 125 संख्या में ही लोग जा सकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications