Rakshabandhan : सरहदों पर मुस्तैद सैनिक भी मनाएंगे त्योहार, स्कूली बच्चों ने भेजी सौगात
रक्षाबंधन के पर्व पर सरहदों पर तैनात भारतीय सैनिकों के लिए राखी भेजी गई है। स्कूली बच्चों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राखी सौंपी। defence minister rajnath received rakhi from delhi students for Indian soldiers
नई दिल्ली, 06 अगस्त : Rakshabandhan का पर्व भाई बहन के स्नेह और उस परस्पर भरोसे को समर्पित है, जिसमें नि:स्वार्थ सुरक्षा का वचन दिया जाता है। भारत की सेना में शामिल सैनिक बिना किसी स्वार्थ के देश की सरहदों पर तैनात होकर 130 करोड़ से अधिक भारतीयों की सुरक्षा में हमेशा मुस्तैद रहते हैं। पूरा देश जब पर्व-त्योहार मना रहा होता है तो सरहदों पर तैनात मां भारती के सपूत अपने परिवार से कोसों दूर 'फैमिली टाइम' से महरुम रह जाते हैं। सैनिक इस बात के लिए मिसाल हैं कि अपने माता-पिता-भाई-बहन-बच्चों से दूर होने के बावजूद वे पूरे देश को अपना परिवार बना लेते हैं। शायद इसी स्नेह का प्रभाव है कि स्नेह दिखाते हुए दिल्ली के स्कूली बच्चों ने सैनिकों के लिए राखियां बनाई हैं। बच्चों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राखियां सौंपीं हैं।

सैनिकों के लिए बच्चों की राखी
दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों के छात्रों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राखियां सौंपी हैं। इन राखियों को बच्चों ने भारतीय सेना के जवानों के लिए खुद तैयार किया है। छात्रों का कहना है कि सीमा पर पहरा दे रहे जवानों के लिए राखी बनाई है, क्योंकि अपने घरों से दूर जवान हमारे देश की सेवा कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री खुद पैगाम पहुंचाएंगे
स्कूली बच्चों से मिली राखी रिसीव करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, देश के रक्षा मंत्री के रूप में वे विश्वास दिलाते हैं कि वे खुद तीनों सेनाओं के प्रमुखों को ये राखियां सौंपेंगे, जिससे तीनों सेनाओं के जवानों तक राखियां पहुंच सकें।

मनोज मुंतशिर भी रहे मौजूद
बच्चों ने जो राखियां सौंपी हैं इन्हें रक्षा मंत्री को सौंपने के समय स्कूली शिक्षकों के अलावा भाजपा नेता तरुण विजय और गीतकार मनोज मुंतशिर भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह को राखी के अलावा तिरंगा भी सौंपा गया।

राखी के साथ तिरंगा, देश की रक्षा का प्रण
बच्चों की राखियों के बारे में तमिलनाडु के करूर स्थित भरणी पार्क ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ रामसुब्रमण्यम ने कहा, बच्चों ने जो राखियां तैयार की हैं, इनमें ढेर सारा प्यार और कृतज्ञता का भाव है। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से देश के बहादुर सैनिकों के लिए 1.5 लाख हस्तनिर्मित राखियां तैयार की गई हैं। 75,000 राखियों पर तिरुक्कुसा छपा हुआ है और अन्य 75,000 राखियां हस्तनिर्मित हैं।
संथाली भाषा में राखियां, राष्ट्रपति से कनेक्शन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राखियां सौंपे जाने के मकसद पर भाजपा नेता तरुण विजय ने कहा, ये राखियां 18 भाषाओं में तैयार की गई हैं। सभी राखिंयां हस्तनिर्मित हैं। तमिलनाडु में तैयार की गई इन राखियों में लगभग 25,000 संथाली भाषा में तैयार किए गए हैं। संथाली भाषा ही क्यों इस पर विजय ने कहा, "हम समझते हैं कि हमारे आदिवासी भाइयों और बहनों की भाषा है और राष्ट्रपति भी संथाली समुदाय से आती हैं।"
रक्षा मंत्री तीनों सेना प्रमुखों से मिलेंगे
बच्चों के हाथों से बनी इन राखियों को लेकर रक्षा मंत्री खुद तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मिलेंगे। उन्होंने बच्चों से कहा है कि राखियां सरहदों पर मुस्तैद सैनिकों तक पहुंचे ये सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि सरहदों पर तैनात सैनिकों की बात हो या डिफेंस से जुड़े दूसरे प्रोफेशनल्स की। नागरिक त्योहार पूरे उत्साह, सौहार्द और सुरक्षित वातावरण में मना सकें, इसके लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल और तमाम सुरक्षाबल घरों से दूर सेवा और समर्पण की मिसाल बनते हैं।












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