Udaipur Kanhaiyalal Murder : CM से मुलाकात के बाद बेटे की मांग, दोषियों का एनकाउंटर हो, परिवार को सुरक्षा मिले
उदयपुर में कन्हैया लाल दर्जी की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। ताजा घटनाक्रम में कन्हैयालाल के बेटे ने दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की है।
उदयपुर, 30 जून : राजस्थान के नृशंस हत्याकांड की गूंज पूरे देश में सुनी जा सकती है। उदयपुर में कन्हैया लाल दर्जी की हत्या (rajasthan tailor kanhaiyalal) के मामले में उनके बेटे यश ने दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की है। बेटे ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग भी की। बता दें कि कन्हैया लाल दर्जी की दिनदहाड़े गला काट कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर 13 जुलाई तक हिरासत में भेजा गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोषियों को मौत की सजा का आश्वासन दिया है। बता दें कि कन्हैया लाल की पत्नी यशोदा के मुताबिक 10-15 दिनों से उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। फोन पर कहा जाता था कि जान से मार दिया जाएगा। लोग दुकान पर आकर भी धमकियां देते थे।
Kanhaiyalal के दोषियों को मिले मौत की सजा
राजस्थान के डीजीपी का कहना है कि दोनों का संबंध पाकिस्तान में कराची के कट्टरपंथी समूह से है। गुरुवार को कन्हैयालाल के बेटे यश ने कहा कि इनके पिता को सुरक्षा नहीं दी गई, लेकिन उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। समाचार एजेंसी एनआईए की रिपोर्ट के मुताबिक यश ने दोषियों को उम्र कैद की सजा देने की मांग की है। कन्हैया लाल के बेटे ने यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि दोषियों को मौत की सजा दी जाए या उनका एनकाउंटर कर दिया जाए। यश के मुताबिक ऐसा करना अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जरूरी है। सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि सरकार दोषियों को दंडित करने के प्रति प्रतिबद्ध है।
पीड़ितों को CM से आश्वासन, दोषियों को वकील नहीं मिलेगा
उदयपुर बारएसोसिएशन के प्रेसिडेंट गिरजा शंकर मेहता ने कहा कि दर्जी कन्हैयालाल की हत्या आतंकी वारदात है। कोई वकील दोषियों की पैरवी नहीं करेगा। उन्होंने फांसी की सजा की मांग की। इससे पहले हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतक दर्जी कन्हैया लाल के परिजनों से मुलाकात की इसके बाद सा बेटे यश ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की है। सरकार से हमें आर्थिक मदद मिली है और सरकारी नौकरी का आश्वासन भी मिला है मुख्यमंत्री हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं।
परिवार की मांग मृत्युदंड, क्या बोले केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और राजस्थान से निर्वाचित सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी उदयपुर की नृशंस घटना पर राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने को तैयार ही नहीं। ऐसे में उदयपुर की घटना होनी ही थी। इससे पहले कन्हैया लाल की पत्नी ने भी बुधवार को कहा था कि हत्या के दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कन्हैया लाल की पत्नी यशोदा के मुताबिक दर्जी कन्हैयालाल को पिछले कुछ दिनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने काम पर जाना छोड़ दिया था। यशोदा ने बताया कि पुलिस के पास शिकायत भी की गई थी। कन्हैया लाल के बेटे की तरह यशोदा भी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर रही हैं।
दर्जी की हत्या का कारण, CM ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए उदयपुर के आलाअधिकारियों के साथ बैठक की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कन्हैया लाल की हत्या एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हुई है। इस सोशल मीडिया पोस्ट में कन्हैया लाल ने कथित तौर पर भाजपा के पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन किया। बता दें कि नूपुर शर्मा ने एक टेलीविजन डिबेट के दौरान कथित तौर से पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

Tailor Kanhaiyalal का अंतिम संस्कार
गौरतलब है कि कन्हैया लाल का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह उदयपुर की जनता की उपस्थिति में कराया गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल के सामने दोषियों के लिए मौत की सजा देने की मांग की गई। हत्या के तुरंत बाद उदयपुर समेत पूरे राजस्थान में तनाव बढ़ गया था। अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था। स्थिति नियंत्रित करने के लिए कर्फ्यू भी लगाना पड़ा। दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में आक्रोशित लोगों ने भगवा झंडा लहराते हुए एक विशाल मार्च भी निकाला था। तनाव के बीच राजसमंद जिले के भीम में बुधवार को हुई एक अन्य झड़प में एक पुलिस कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया था।












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