राजस्थान सियासी संकट: अगले 7 दिनों में विधानसभा सत्र बुलाकर कराया जा सकता है फ्लोर टेस्ट- सूत्र
नई दिल्ली। राजस्थान में जारी सियासी घमासान अपने पड़ाव पर आता नहीं दिखाई दे रहा है। पहले हाईकोर्ट अब सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने से राजस्थान की राजनीति पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इस बीच सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार का दावा पेश करने की जुगत में लगे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले सप्ताह एक विधानसभा सत्र बुलाने और सदन में सरकार के बहुमत साबित करने की संभावना जताई है।
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अशोक गहलोत खेमे का दावा है कि उनके कम से कम 103 विधायक उनके प्रति वफादार हैं। इनमें कांग्रेस के 88 विधायक, बीटीपी और सीपीएम के 2 विधायक, आरएलडी के एक और 10 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। बता दें कि राज्य में अभी भी राजनीतिक संकट इसलिए जारी है क्योंकि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस दौरान सीपी जोशी ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि उच्च न्यायालय को बर्खास्त डिप्टी सीएम सचिन पायलट सहित 19 असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों के खिलाफ 24 जुलाई तक अयोग्यता कार्यवाही करने से रोकने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाया जा सकता है। इसमें सरकार फ्लोर टेस्ट भी करवा सकती है। जानकारी के मुताबिक सीएम अशोक गहलोत जल्द से जल्द मौजूदा सियासी संकट को खत्म करना चाहते हैं जिसके लिए विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने अपने एक बयान में कहा कि मंत्रीमंडल ने विधानसभा सत्र बुलाने का अधिकार सीएम अशोक गहलोत को दिया है, वह जब चाहें राज्यपाल से कह कर विधानसभासत्र बुला सकते हैं। डोटासरा ने कहा कि मौजूदा सियासी संकट के बीच स्पीकर, कोर्ट और सरकार अपना-अपना काम करेंगे।
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