बिहारः कोरोना संक्रमित की लाश घर में करीब 14 घंटे तक पड़ी रही, आसपास के लोगों में खौफ
पटना। बिहार में कोरोना के जंग में लगातार लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। कहीं वेंटिलेटर बंद होने के कारण मरीज की मौत हो गई तो कहीं ठेले पर सवार होकर डॉक्टर कोरोना संक्रमितों का इलाज करने के लिए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रदेश की राजधानी पटना सिटी के चौक हरमंदिर गली में सामने आया है। जहां कोरोना से मरीज की मौत के बाद करीब 14 घंटे बाद घर पर एंबुलेंस पहुंची।

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होम आइसोलेशन में चल रहे एक कोविड मरीज की मौत हो गई। मरीज के दोनों बेटे घर के बाहर एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों का इंतजार करते रहे। करीब चौदह घंटे बाद एंबुलेंस आई लेकिन कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। पटना सिटी के चौक हरमंदिर गली में कोरोना से चल रही जंग में लापरवाही का मामला सामने आया है। जिस तरह एक पीड़ित पर कोविड-19 मरीज के अंतिम संस्कार का जिम्मा छोड़ दिया वो चिंता में डालने वाला है।

नियम के तहत कोरोना मरीज का अंतिम संस्कार स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में होना चाहिए ताकि इसका संक्रमण ना फैल सके। लेकिन यहां तो परिवार को ही सब कुछ करने पर मजबूर कर दिया गया। कोरोना संक्रमित 50 वर्षीय राजकिशोर प्रसाद की मौत बुधवार की सुबह पांच बजे होम आइसोलेशन के दौरान घर में हो गई। मौत के बाद परिजन प्रशासन, थाना, जनप्रतिनिधि व स्वास्थ्यकर्मियों से शव उठाने के लिए गुहार लगाते रहे।
संवेदनहीन हो चुकी प्रशासन की टीम 14 घंटे बाद लगभग तीन बजे बिना पीपीई कीट के शव उठाने के लिए एंबुलेंस लेकर पहुंची। कोरोना पॉजिटिव का शव घर में रहने के कारण घनी आबादी वाले हरिमंदिर गली के लोगों में हड़कंप मचा रहा। तख्त श्री हरिमंदिर में रहनेवाले तथा सेवादार भी परेशान दिखे। एंबुलेंस के साथ कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा तो मृतक के दोनों बेटों ने पीपीई किट पहनकर शव को उठाया।












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