जिनके पास नौकरी बची है, उसे भी छीनने में लगी है मोदी सरकार: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 3 सितंबर: सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि देश में अगस्त महीने में संगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों में 15 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं। इसको लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर लिखा है कि ये सरकार नई नौकरियां तो क्या पैदा करेगी, जिनके पास काम है, उनको भी बेरोजगार करने पर लगी है।
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राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह किए अपने ट्वीट में लिखा है, मोदी सरकार रोज़गार के लिए हानिकारक है। वे किसी भी प्रकार के 'मित्रहीन' व्यवसाय या रोजगार को बढ़ावा या सहारा नहीं देते बल्कि जिनके पास नौकरी है उसे भी छीनने में लगे हैं। देशवासियों से आत्मनिर्भरता का ढोंग अपेक्षित है। जनहित में जारी। राहुल ने इस ट्वीट के साथ सीएमआईई की रिपोर्ट को भी साझा किया है।

क्या है सीएमआईई की रिपोर्ट
देश में बेरोजगारी को लेकर सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी यानी सीएमआईईने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक अगस्त महीने में औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों से करीब 15 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो गए है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई में कार्यरत लोगों की संख्या 399.38 मिलियन से घटकर अगस्त में 397.78 मिलियन पर पहुंच गई। इस एक महीने में केवल ग्रामीण भारत में करीब 13 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं। अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर लगभग 1.5 फीसदी बढ़कर 9.78 फीसदी रही। जुलाई में शहरी बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी थी। इसी तरह ग्रामीण बेरोजगारी दर भी अगस्त में 1.3 फीसदी बढ़कर 7.64 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.34 फीसदी थी।
राहुल गांधी अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर लगातार सरकार से सवाल कर रहे हैं। इससे पहले एलपीजी सिलेंडर के मंहगे होने पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा था कि जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर करने वाला ख़ुद मित्र-छाया में सो रहा है... लेकिन अन्याय के खिलाफ देश एकजुट हो रहा है।












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