राहुल गांधी ने फिर मोदी पर साधा निशाना, कहा- संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, संवैधानिक मूल्यों से बनती है
कांग्रेस समेत 19 विपक्षी पार्टियों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसी बीच राहुल गाँधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है।

नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। करीब 19 दलों ने 28 मई को होने वाले समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर से पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि, राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना - यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, संवैधानिक मूल्यों से बनती है।

इससे पहले भी राहुल गांधी ने उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को आमंत्रित ना करने को लेकर आपत्ति जताई थी। वहीं विपक्षी दलों की भी मांग है। प्रोटोकॉल के हिसाब से नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्वारा कराया जाना चाहिए।
विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि भवन का उद्घाटन द्रौपदी मुर्मू के हाथों न कराकर पीएम मोदी से कराना राष्ट्रपति का अपमान है। इसी बीच कांग्रेस ने निमंत्रण पत्र से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का नाम गायब होने पर भी सवाल उठा दिए हैं।
वहीं कांग्रेस ने बहिष्कार का एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि लोकतंत्र की आत्मा को संसद से निष्कासित कर दिया गया है। हमें इस इमारत में कोई मूल्य नहीं दिखता है। इसलिए हम नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने का फैसला किया है। हम इस निरंकुश प्रधानंमत्री और उनकी सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए संयुक्त बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति न केवल भारत में राज्य का प्रमुख होता है, बल्कि संसद का एक अभिन्न अंग भी होता है। वह संसद को बुलाते हैं, सत्रावसान करते हैं और संबोधित करते हैं। संक्षेप में, राष्ट्रपति के बिना संसद कार्य नहीं कर सकती है। फिर भी प्रधानमंत्री ने उनके बिना नए संसद भवन उद्घाटन करने का फैसला लिया है। यह अशोभनीय कृत्य राष्ट्रपति के उच्च पद का अपमान है और संविधान के पाठ और भावना का उल्लंघन है।












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