संसद के गेट पर दुश्मनी में बदली दोस्ती! राहुल गांधी ने सरेआम कहा 'गद्दार यार', तो रवनीत बिट्टू ने की बोलती बंद
Parliament Budget Session: संसद परिसर में आज विरोध प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, तभी राहुल गांधी और बिट्टू का आमना-सामना हुआ। इसके बाद जो हुआ वो चौंकाने वाला था।
इस दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे अपने सांसदों का मनोबल बढ़ाया, लेकिन सामने खड़े रवनीत बिट्टू को देखते ही उन्होंने तीखा तंज कसा और उन्हें सरेआम 'गद्दार दोस्त' कह दिया। राहुल के इस बयान ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया।

राहुल गांधी के इस हमले के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जोरदार पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि उनका 'देश के दुश्मनों' से कोई लेना-देना नहीं है। संसद के गेट पर कुछ समय के लिए दोनों के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। इसके तुरंत बाद राहुल गांधी बिट्टू की तरफ हैंड शेक करने के लिए हाथ बढ़ा रहे थे, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और आगे बढ़ गए।
दरअसल, संसद के बजट सत्र के बीच यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। आज (02 फरवरी) शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा को संबोधित करने वाले हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही संसद की कार्यवाही के दौरान हंगामे के चलते कांग्रेस के 7 और CPI (M) के एक सांसद को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। विपक्षी सांसद प्रश्नकाल के दौरान लगातार नारेबाजी कर रहे थे, जबकि बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों पर कड़ा ऐतराज जताया था।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?
रवनीत सिंह बिट्टू कभी राहुल के खास थे। अब राजनीतिक दुश्मन रवनीत पंजाब की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं और वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के पोते हैं, जिन्होंने राज्य में आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाई थी।
रोचक बात यह है कि बिट्टू वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें उच्च सदन भेजकर मंत्री बनाया।
कांग्रेस से पुराना नाता और 'गद्दार दोस्त' वाला विवाद बिट्टू का राजनीतिक जन्म कांग्रेस में ही हुआ था और वे तीन बार (2009, 2014, 2019) कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए। संसद के अंदर वे राहुल गांधी के इतने करीबी थे कि उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का 'व्हिप' नियुक्त किया गया था और कुछ समय के लिए उन्होंने सदन में कांग्रेस के नेता की भूमिका भी निभाई।
हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ऐन पहले उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का कमल थाम लिया। इसी दलबदल के कारण आज राहुल गांधी ने उन्हें संसद के गेट पर 'गद्दार दोस्त' कहकर संबोधित किया, क्योंकि वे कभी राहुल की कोर टीम का हिस्सा हुआ करते थे।












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