प्रवासी मजदूरों से भाड़ा वसूलने पर राहुल ने उठाए सवाल, तो BJP ने दिया ये जवाब

राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ रेलवे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रहा है, दूसरी तरफ पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है...

नई दिल्ली। लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए चलाई गईं स्पेशल ट्रेनों में किराया वसूलने के मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है, वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए!' राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में भारतीय रेलवे की तरफ से पीएम केयर्स फंड में 151 करोड़ रुपए चंदा देने की खबर का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है।

रेलवे ने दी है 85 फीसदी सब्सिडी

रेलवे ने दी है 85 फीसदी सब्सिडी

वहीं, राहुल गांधी के इस हमले पर जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राज्य सरकारों को केवल 15 फीसदी किराया देने के लिए कहा गया है। संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'राहुल गांधी जी, मैंने यहां गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस अटैच की हैं, जिनमें साफ तौर पर लिखा है कि किसी भी स्टेशन पर कोई टिकट नहीं बेचा जाएगा। रेलवे ने इस मामले में 85 फीसदी सब्सिडी दी है और बाकी 15 फीसदी राज्य सरकारों को देना है। राज्य सरकारें टिकटों का पैसा दे सकती हैं। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार टिकटों के पैसे का भुगतान कर रही है। आप कांग्रेस की राज्य सरकारों से कहिए कि इसका पालन करें।'

रेलवे ने राज्य सरकारों के लिए जारी किए दिशानिर्देश

रेलवे ने राज्य सरकारों के लिए जारी किए दिशानिर्देश

आपको बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में फंसे हुए प्रवासी लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए श्रमिक विशेष ट्रेनों चलाने का फैसला लिया था। लेकिन, भारतीय रेलवे ने राज्य सरकारों के लिए दिशानिर्देश जारी किए और कहा कि इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले प्रवासियों से टिकट का किराया लेना चाहिए। इसके साथ ही रेलवे ने यह भी कहा कि ये गाड़ियां केवल तभी चलेंगी, जब उनमें 90 फीसदी सीटें फुल होंगी।

रेलवे ने दिया जवाब

रेलवे ने दिया जवाब

हालांकि, इस मामले में विवाद बढ़ने पर भारतीय रेलवे ने जवाब देते हुए कहा, 'रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो रेलवे द्वारा ली जाने वाली कुल लागत का महज 15 फीसदी है। रेलवे प्रवासियों को कोई टिकट नहीं बेच रहा है और केवल राज्यों द्वारा प्रदान की गई सूचियों के आधार पर यात्रियों को यात्रा करवा रहा है। भारतीय रेलवे सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें गंतव्य स्थान से खाली लौट रही हैं। रेल मंत्रालय द्वारा प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है।

'मजूदरों के रेल टिकट का पैसा देगी कांग्रेस'

'मजूदरों के रेल टिकट का पैसा देगी कांग्रेस'

वहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि मजूदरों के रेल टिकट का पैसा वो खुद देगी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा, 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी। यह हमारे हमवतन लोगों की सेवा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का विनम्र योगदान होगा और साथ ही हमें उनके साथ एकजुटता से कंधे से कंधा मिलाकर चलना भी होगा।'

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