2025 में राहुल गांधी ने कितनी विदेश यात्राएं की? जानिए कब और कहां विदेशी धरती पर भारत सरकार के खिलाफ उगला जहर
Rahul Gandhi foreign trips 2025: वर्ष 2025 में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पासपोर्ट का जमकर इस्तेमाल किया। साल भर में यूरोप से लेकर दक्षिण अमेरिका तक उनकी कई विदेश यात्राएं की और अपने विवादित बयानों के कारण जमकर सुर्खियां बटोरी। कांग्रेस इसे वैश्विक मंच पर लोकतंत्र की आवाज़ बताती रही वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने इन बयानों को विदेशी धरती पर भारत की छवि धूमिल करने वाला बताया।
देश में बेरोज़गारी, महंगाई और चुनावी रणनीति पर बहस चलती रही, और उधर राहुल गांधी विदेशों में भारत के लोकतंत्र पर "चिंता जताते" दिखे। फर्क बस इतना रहा कि बयान दिल्ली में नही बल्कि विदेशी सभागारों में दिए गए। जिसे बीजेपी ने "विदेशी धरती से भारत की बदनामी" बताया।

2025 में राहुल गांधी ने कितने देशों की यात्राएं की?
2025 में राहुल गांधी ने करीब 8 विदेशी देशों की यात्राएं कीं, जिनमें वियतनाम, मलेशिया, दुबई, कतर, लंदन, इटली से लेकर दक्षिण अमेरिका शामिल था।
जनवरी-फरवरी 2025 में यूरोप टूर जर्मनी और लंदन यात्रा
- थिंक टैंक और प्रवासी भारतीयों से संवाद
- भारत के लोकतंत्र, चुनावी संस्थाओं और मीडिया की स्वतंत्रता पर बयान
- जर्मनी में "चुनावी प्रक्रिया पर सवाल" वाला बयान सबसे ज़्यादा चर्चा में रहा
मार्च-अप्रैल 2025 में खाड़ी देश कतर और यूएई की यात्रा
- प्रवासी भारतीयों से मुलाकात
- बेरोज़गारी और सामाजिक न्याय पर बातें
जून-जुलाई 2025: दक्षिण अमेरिका यात्रा (कोलंबिया)
- भारत में लोकतंत्र पर "थोक में हमला" वाला बयान
- सरकार और आरएसएस पर सीधा हमला
- यहीं से सबसे बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हुआ
सितंबर-अक्टूबर 2025 में इटली और फ्रांस यात्रा
- निजी और राजनीतिक दौरे का मिला-जुला स्वरूप
- संस्थाओं की स्वतंत्रता और विपक्ष की भूमिका पर बयान दिया

राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर भारत सरकार के खिलाफ उगला जहर
जर्मनी में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी प्रकिया पर सवाल उठाए
जर्मनी में राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में संस्थाओं पर दबाव है और लोकतंत्र पहले जैसा नहीं रहा। इस बयान के बाद बीजेपी ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि "देश के अंदर हारने के बाद अब विदेश में कहानी सुनाई जा रही है।"
कोलंबिया में राहुल गांधी ने मोदी सरकार और आरएसएस पर लगाए गंभीर आरोप
कोलंबिया में राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र पर "थोक में हमला" हो रहा है। सरकार और आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि असहमति की आवाज़ों को दबाया जा रहा है। बीजेपी के लिए यह बयान मानो रेड कार्पेट पर रखा न्योता था-तुरंत आरोप लगा कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर भारत की छवि खराब कर रहे हैं।
सुरक्षा नियमों के उल्लंघन तक के आरोप
राहुल गांधी की लगभग हर विदेश यात्रा के बाद देश में राजनीतिक तापमान बढ़ा। बीजेपी नेताओं ने उन्हें "प्रचार का नेता" तक कह डाला और सवाल उठाया कि भारत की समस्याओं पर बात भारत में क्यों नहीं होती। सुरक्षा नियमों को लेकर भी कई बार विवाद हुआ, जिससे सरकार को नोटिस और चेतावनी जारी करनी पड़ी।
राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष नहीं, प्रोपेगेंडा लीडर
2025 में राहुल गांधी की विदेश यात्राएं यह साफ़ कर गईं कि उनके बयान जितने विदेश में होते हैं, उतनी ही तेज़ गूंज देश की राजनीति में सुनाई देती है। समर्थकों के लिए वह लोकतंत्र के वैश्विक प्रवक्ता हैं, और विरोधियों के लिए ऐसे नेता जो विदेश जाकर देश की कमज़ोरियां गिनाते हैं।












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