Rahul Gandhi Disqualified: राहुल के चाचा संजय गांधी को भी हुई थी दो साल की सजा, जानिए 'किस्सा कुर्सी का'
राहुल के चाचा संजय गांधी ने 20 वर्ष की आयु में राजनीति में कदम रखा था और जनवरी 1980 में वो अमेठी से सांसद बने थे लेकिन इसी वर्ष जून में उनकी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

Sanjay Gandhi sentenced to 2 years in JaiL: ' सारे चोर मोदी...' मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गुजरात की एक अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद उनकी संसद सदस्यता नष्ट हो गई हैं। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मचा दिया है और अलग-अलग राज्यों में वो बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। वैसे इतिहास पर अगर आप गौर करेंगे तो गांधी परिवार में ऐसा किस्सा सालों पहले हो चुका है, दरअसल राहुल से पहले उनके चाचा संजय गांधी को भी दो साल की सजा हुई थी, उनके ऊपर फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' का प्रिंट जलाने का आरोप लगा था, ये बात साल 1979 की है।

फिल्म अमृत नाहटा ने बनाई थी
दरअसल यह फिल्म अमृत नाहटा ने बनाई थी, जो कि कांग्रेस के बाड़मेर से सांसद थे। जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरागांधी के खिलाफ कुछ दिखाया गया था। फिल्म में भ्रष्ट और तानाशाह हुकूमत को चित्रित किया गया था।
संजय गांधी को दबंग किरदार में दिखाया गया था
फिल्म में संजय गांधी को दबंग किरदार में प्रदर्शित गया था, जिसमें शबाना आजमी ने एक प्रताड़ित महिला का किरदार निभाया था, जबकि इंदिरा गांधी की भूमिका में रेहाना सुल्तान ने की थी। फिल्म साल 1974 में सेंसर बोर्ड में फंस गई थी।
संजय गांधी ने फिल्म के प्रिंट को जला दिया था
लेकिन तभी देश में इमरजेंसी लग गई थी और उसके बाद संजय गांधी ने फिल्म के प्रिंट को अपने गुरुग्राम स्थित मारुती फैक्ट्री में मंगवाकर आग लगा दी थी। इस बात का जिक्र FB के 'कुछ हम कहें सिनेमा की' Blog में भी है।

'किस्सा कुर्सी का'
लेकिन इसके बाद देश में बहुत बड़ा बदलाव हुआ, इमरजेंसी हटी, इलेक्शन हुए और चुनावों में संजय गांधी और इंदिरा गांधी दोनों की हार हुई और देश में जनता पार्टी की सरकार बनी और इस बार नाहटा कांग्रेस के एमपी नहीं बल्कि जनता पार्टी के सांसद थे और उन्होंने फिर से फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' बनाई।
संजय गांधी हुए थे दोषी करार
लेकिन इस बार फिल्म में काफी बदलाव थे, फिल्म में इंदिरा गांधी की जगह किसी काल्पनिक किरदार ने ले ली, फिल्म रिलीज भी हुई लेकिन बुरी तरह से फ्लॉप हो गई लेकिन इस फिल्म के ओरिजनल प्रिंट को जलाने के आरोप संजय गांधी और तत्तकालीन सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला पर लगे थे, मामला दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट पहुंचा, जिसने दोनों को दोषी मानते हुए दो साल एक महीने की सजा सुनाई।

तिहाड़ जेल
हालांकि संजय गांधी को इस मामले में तुरंत बेल मिल गई थी लेकिन वो निचली कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली, उन्हें कोर्ट ने संजय गांधी की जमानत याचिका रद्द करके उन्हें एक महीने के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया था।

'सारे मोदी चोर हैं...'
मालूम हो कि 'सारे मोदी चोर हैं...' वाले मामले में राहुल गांधी के दोषी पाए जाने पर शुक्रवार को स्पीकर ओम बिरला ने उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी है। हालांकि अभी उनके पास ऊपर की अदालत में अपील करने का विकल्प है , देखते हैं कि वो इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
'ब्लैक डे' का ऐलान
फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ हुए इस एक्शन से कांग्रेस बुरी तरह से तिलमिलाई हुई है और वो इन सबके लिए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साध रही है, तो वहीं लोकसभा से राहुल गांधी की अयोग्यता के विरोध में आज वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी आज 'ब्लैक डे' मना रही है, आपको बता दें कि राहुल गांधी वायनाड से ही एमपी हैं।
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