स्मृति ईरानी ने अमेठी में रचा इतिहास: जानिए एक टीवी की बहू से संसद तक का सफर
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नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा की तस्वीर लगभग साफ हो गई है, एक बार फिर से देश में मोदी सरकार की वापसी हुई है, इस बार के चुनाव में बहुत सारे उलट-फेर देखने को मिले हैं लेकिन सबसे बड़ा उलटफेर हुआ अमेठी में, जहां केंद्रीय मंत्री और बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को हरा दिया है, अमेठी वो सीट है, जहां से कोई भी कांग्रेस की हार को सोच नहीं सकता था लेकिन आज ऐसा हुआ और वो करिश्मा किया स्मृति ईरानी ने, वैसे बीजेपी खेमा तो उस दिन से ही स्मृति की जीत का दावा कर रहा था, जिस दिन राहुल गांधी ने अमेठी के साथ-साथ वायनाड सीट से लड़ने का ऐलान किया था।

स्मृति ईरानी ने अमेठी में रचा इतिहास
गौरतलब है कि इससे पहले 1977 में संजय गांधी को अमेठी में हार का सामना करना पड़ा था। फिलहाल आज टीवी की बहू ने इतिहास रचा है और एक असंभव चीज को संभव कर दिखाया है, अपने आरोपों पर मुंह तोड़ जवाब देने वाली स्मृति ईरानी ने आज अपनी जीत से अपने आलोचकों की बोलती बंद कर दी है।
चलिए जानते हैं टीवी की इस खूबसूरत बहू के अब तक के सफर के बारे में

सुंदरता, सरसता,आक्रमकता और वाक-पटुता के लिए मशहूर हैं स्मृति
टीवी की दुनिया की सबसे खूबसूरत और चर्चित बहू स्मृति ईरानी जब भी बोलती हैं तो अच्छे-अच्छों के मुंह पर ताले लग जाते हैं। सुंदरता, सरसता,आक्रमकता और वाक-पटुता के लिए लोकप्रिय स्मृति ईरानी ने बहुत कम समय में ही देश की राजनीति में अपनी पहुंच बना ली है। पीएम मोदी कैबिनेट की सबसे कम उम्र की इस नेत्री ने हर मोर्चे पर अपने विरोधियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है, जिससे उनकी तुलना भाजपा की कद्दावर नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी होने लगी है, हालांकि स्मृति ने कभी भी नहीं माना उनका किसी से मुकाबला है लेकिन उन्होंने अभी तक अपने आप को हर मोर्च पर अव्वल ही साबित किया है।

स्मृति का पूरा नाम स्मृति ज़ुबिन ईरानी है...
स्मृति का पूरा नाम स्मृति ज़ुबिन ईरानी है, जिनका जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली में हुआ था। स्मृति सौंदर्य प्रसाधनों के प्रचार से लेकर मिस इंडिया प्रतियोगिता की प्रतिभागी भी बनीं। मॉडलिंग में प्रवेश करने से पहले, वह मैकडॉनल्ड्स में वेट्रेस और क्लीनर के पद पर कार्य कर चुकी हैं।
जेट एयरवेज ने किया था रिजेक्ट
एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि उनकी लाइफ में भी ऐसा समय आया था जब पर्सनालिटी ठीक न होने का हवाला देकर उन्हें नौकरी देने से मना कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि जेट एयरवेज ने उन्हें केबिन क्रू में शामिल करने से मना कर दिया था।

स्मृति ने सारी बंदिशें तोड़कर ग्लैमर जगत में कदम रखा
लेकिन इसके बाद वो मुंबई चली आयीं और एकता कपूर के सबसे लोकप्रिय शो क्यूंकि सास भी कभी बहू थी...में तुलसी वीरानी का किरदार निभाकर अपनी पहचान लोगों के दिलों में बनायी। रूढ़ीवादी पंजाबी-बंगाली परिवार की तीन बेटियों में से एक स्मृति ने सारी बंदिशें तोड़कर ग्लैमर जगत में कदम रखा था।
मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया
उन्होंने 1998 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन फाइनल तक मुकाम नहीं बना पाईं। स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने अब तक भारतीय टेलीविजन अकादमी अवार्ड, चार इंडियन टेली अवार्ड और आठ स्टार परिवार पुरस्कार जीत चुकी हैं।

राजनीतिक जीवन
स्मृति ज़ुबिन ईरानी का राजनीतिक जीवन वर्ष 2003 में तब आरंभ हुआ जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की , 2004 में ईरानी पहली बार चांदनी चौक लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उथरीं लेकिन उन्हें कांग्रेस के कपिल सिब्बल के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा। 2010 में ईरानी को बीजेपी महिला मोर्चा की कमान दी गई। 2011 में बीजेपी ने उन्हें राज्य सभा भेजा। अगले ही साल वह पार्टी की उपाध्यक्ष बनाई गईं। इसी वर्ष इनको हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चे की भी कमान सौंप दी गई।
साल 2019 में रचा इतिहास
आम चुनाव, 2014 में स्मृति ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के खिलाफ अमेठी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि वो हार गईं लेकिन वो राज्यसभा सांसद बन गईं और उसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्री लेकिन साल 2019 के आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पराजित करके सफलता का नया इतिहास रच दिया।

तीन बच्चों की मां स्मृति ईरानी
स्मृति ने जुबिन ईरानी से शादी की, इस शादी से स्मृति को दो बच्चे 'जौहर' और 'जोइश' है। वो जुबिन की दूसरी पत्नी हैं,जुबिन को पहली शादी से भी एक बेटी 'शेनियल' है, वो अक्सर अपनी फैमिली की फोटो को शेयर करती रहती हैं।

विवादों से नाता
स्मृति ईरानी अपनी शैक्षिक योग्यता को लेकर विवादों में रहीं। उन पर आरोप लगा कि 2004 और 2014 के चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई थीं। 2004 में ईरानी ने अपने ऐफिडेविट में बताया था कि वह स्नातक हैं लेकिन 2019 के हलफनामे में उन्होंने कहा कि वो स्नातक नहीं है, जिस पर बहुत बवाल मचा था, फिलहाल आज सारे बवाल एक तरफ रह गए और ईरानी ने अमेठी में भगवा पताका फैला दी।












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