'आदित्य श्रीवास्तव और विशाल सिंह कई जगह के वोटर', राहुल गांधी के दावों पर चुनाव आयोग ने क्या दिया जवाब
Rahul Gandhi Election Commission: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने गुरुवार (07 अगस्त) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उन आरोपों को नकार दिया, जिनमें उन्होंने बड़े पैमाने पर वोटर फ्रॉड का दावा किया था। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कुछ मतदाता कई राज्यों की वोटर लिस्ट में एक साथ दर्ज हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा बताए गए दोनों नाम - आदित्य श्रीवास्तव (EPIC No. FPP6437040) और विशाल सिंह (EPIC No. INB2722288) - उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं।

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— CEO UP (@ceoup) August 7, 2025
क्या था राहुल गांधी का दावा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर "The foundation of the constitution is the vote, Vote has been destroyed" विषय पर बात की। इसमें उन्होंने कई मुद्दों के साथ उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी का दावा था कि दो मतदाता -
🔹 आदित्य श्रीवास्तव (पुत्र: एस.पी. श्रीवास्तव, EPIC नं. FPP6437040)
🔹 विशाल सिंह (पुत्र: महीपाल सिंह, EPIC नं. INB2722288)
ऐसे हैं जिनके नाम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों की विधानसभा मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े 16 मार्च 2025 को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से लिए गए थे।
राहुल गांधी के मुताबिक
🔹 आदित्य श्रीवास्तव का नाम 4 जगह दर्ज था - मुंबई सब अर्बन (जोगेश्वरी पूर्व), बैंगलोर अर्बन (महादेवपुरा) के दो बूथ, और लखनऊ पूर्व विधानसभा।
🔹 विशाल सिंह का नाम 3 जगह दर्ज था - बैंगलोर (महादेवपुरा) के दो बूथ और वाराणसी कैंट विधानसभा।
चुनाव आयोग ने जवाब में क्या कहा?
निर्वाचन आयोग ने 7 अगस्त 2025 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों मतदाताओं के EPIC नंबर सर्च किए। नतीजा यह निकला-
🔹 आदित्य श्रीवास्तव: केवल कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन की विधानसभा 174 महादेवपुरा, बूथ संख्या 458, क्रम संख्या 1265 पर नाम दर्ज।
🔹विशाल सिंह: बेंगलुरु की विधान सभा 174 महादेवपुरा, बूथ संख्या 513, क्रम संख्या 926 पर नाम दर्ज।
लखनऊ पूर्व (विधानसभा 173) और वाराणसी कैंट (विधानसभा 390) में इन दोनों के नाम दर्ज नहीं मिले।
मतलब, इन दोनों का नाम उत्तर प्रदेश की लखनऊ पूर्व विधानसभा और वाराणसी कैंट विधानसभा में दर्ज नहीं था। राहुल गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश के जिन दो मतदाताओं के नाम को लेकर आरोप लगाया गया था, वे चुनाव आयोग की जांच में सही नहीं पाए गए हैं।
यूपी चुनाव आयोग ने साफ कहा कि आदित्य श्रीवास्तव और विशाल सिंह का नाम उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है और वे केवल कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन में ही मतदाता हैं।

मीडिया की पड़ताल
वनइंडिया हिंदी ने भी ECI वेबसाइट पर खोज की और पाया कि आदित्य श्रीवास्तव का नाम केवल कर्नाटक की वोटर लिस्ट में है, लखनऊ या महाराष्ट्र में नहीं। वहां EPIC नंबर डालने पर "No result found" दिखा।
गौरतलब है कि केंद्रीय चुनाव आयोग पहले ही डुप्लीकेट वोटर एंट्री को स्वीकार कर चुका है और उन्हें हटाने की कार्रवाई की थी। ऐसे में हो सकता है कि पहले कई जगह दर्ज नाम अब केवल एक ही जगह रह गए हों।












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