नीरव-मेहुल की कर्ज माफी पर राहुल ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा- इसीलिए BJP ने संसद में सच को छुपाया
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई में स्वीकार किया है कि उसने शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टर्स के 68,607 करोड़ की बड़ी रकम बट्टा खाते में डाल दी है। अब कांग्रेस ने देश के कई बड़े पूंजीपतियों के 68,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बट्टे खाते में डाले जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कुछ सप्ताह पहले संसद में उनके प्रश्न का उत्तर नहीं देकर, इसी सच को छिपाया गया था।
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राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि, संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्तमंत्री ने जवाब देने से मना कर दिया। अब आरबीआई ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के 'मित्रों' के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाले हैं। इसीलिए संसद में इस सच को छुपाया गया। राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में अपना वो वीडियो भी शेयर किया है जिसमें उन्होंने सरकार से देश के पचास डिफॉल्टरों के नाम पूछे थे।
कांग्रेस का दावा है कि 24 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपए माफ करने की बात स्वीकार की है। इनमें भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के नाम भी शामिल हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर देश को जवाब देना चाहिए। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, बैंक लुटेरों द्वारा 'पैसा लूटो-विदेश जाओ-लोन माफ कराओ' ट्रैवल एजेंसी का पर्दाफाश हो गया है। भगोड़ों का साथ - भगोड़ों का लोन माफ भाजपा सरकार का मूलमंत्र बन गया है।
उन्होंने कहा, 16 मार्च, 2020 को संसद में राहुल गांधी ने देश के सबसे बड़े 50 बैंक घोटालेबाजों के नाम मोदी सरकार से पूछे। वित्त मंत्री और सरकार ने षडयंत्रकारी चुप्पी साधकर ये नाम जगजाहिर करने से इंकार कर दिया। सुरजेवाला के मुताबिक, गत 24 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपया माफ करने की बात स्वीकार की। इनमें भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी भी शामिल है।












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