कांग्रेस: राहुल गांधी होंगे साइडलाइन, बजेगा वरिष्ठ नेताओं का डंका

विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहे हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में पार्टी की स्थिति सुधर रही है। उम्मीद की जा रही है कि राहुल को पार्टी से दूर रखकर एक नए निर्माण का नक्शा तैयार किया जा रहा है।
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वर्तमान में हरियाणा में कांग्रेस का शासन है, महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार चला रही है। आगामी तस्वीर में झारखंड में भी पार्टी गठबंधन सरकार में शामिल है। पार्टी में प्रियंका गांधी को औपचारिक तौर पर शामिल करने की बढ़ती मांग को जानकारों ने राहुल का असर कम करने के तौर पर देखा है।
- महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को पार्टी ने चुनावी मैदान में कमान संभालने की छूट दी है, लेकिन उन्हें इसमें काफी मुश्किलें आ रही हैं। दरअसल वहां पार्टी अध्यक्ष मानिकराव ठाकरे कोई कद्दावर नेता नहीं हैं और न ही उनके पास कोई विस्तृत प्लान है।
क्या है तस्वीर-
- लोस चुनाव में कांग्रेस 2 और एनसीपी 4 सीटें ही जीत सकी और इसे देखते हुए इस गठबंधन के 288 सीटों वाली विधानसभा में कोई बड़ी सफलता हासिल करने की उम्मीद करना फिलहाल मुश्किल रहेगा।
झारखंड में कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा की सहयोगी है और इस आदिवासी बाहुल्य राज्य में पार्टी के पास कोई भी बड़ा आदिवासी नेता नहीं है। राज्य के अध्यक्ष सुखदेव भगत और राज्यसभा सदस्य प्रदीप कुमार बालमुचु का कद शिबू सोरेन, बाबूलाल मरांडी या बीजेपी के अर्जुन मुंडा के बराबर नहीं ठहरता। हालांकि कांग्रेस की आगामी तस्वीर कैसी होगी इसका जवाब वक्त के पास है।












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