राफेल डील मामला: मोदी सरकार को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
नई दिल्ली। राफेल डील मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार को 4 मई तक जवाब देने के लिए वक्त दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी। बता दें कि, इसपर अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का वक्त मांगा था। जिसे कोर्ट ने देने से इंकार कर दिया। यह सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

मामले की सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय कौल और के एम जोसफ की बेंच ने केंद्र को अपना जवाब शनिवार (4 मई) तक देना है। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए सोमवार (6मई) की तारीख तय की है। बता दें कि, सोमवार को केंद्र ने राफेल समीक्षा याचिका मामले में नए हलफनामे दायर करने के लिए समय मांगा था। जिस मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने देने से इंकार कर दिया।
अब सरकार को याचिकाकर्ता की तरफ से लगाए गए कोर्ट को गुमराह करने के आरोपों के बारे में जवाब देना है। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे पर अपने आदेश पर दोबारा विचार करने संबंधी याचिका को 10 अप्रैल को मंजूर की थी, जोकि मीडिया रिपोर्ट में लीक दस्तावेज के आधार पर की गई थी। कोर्ट से दस्तावेज पर सरकार द्वारा विशेषाधिकार का दावा करते हुए की गई आपत्तियों को खारिज करने की मांग की थी। केंद्र ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं ने विशेष दस्तावेज गैरकानूनी तरीके से हासिल किए और 14 दिसम्बर, 2018 के निर्णय को चुनौती देने के लिए इसका प्रयोग किया गया।
इससे पहले सोमवार को केंद्र सरकार ने राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगी थी। इस पर कोर्ट ने कहा था कि लुका-छिपी का खेल नहीं खेला जा सकता है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, 'यह मामला पहले से ही ओपन कोर्ट में है। इसके लिए आप मेंशनिंग क्यों चाहते हैं? आपका सिर्फ यही कहना काफी था कि आप पुनर्विचार याचिका में एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने चाहते हैं। आप यह लुका-छिपी का खेल क्यों खेल रहे हैं? हम आपको अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की अनुमति देते हैं, लेकिन कल होने वाली सुनवाई टाली नहीं जाएगी।
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