Puja Khedkar के खिलाफ दिल्ली में FIR, पिता को 25 तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण, जानें क्या-क्या हुआ?
Puja Khedkar Case Update: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कथित तौर पर दस्तावेजों में जालसाजी करने और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने जालसाजी, धोखाधड़ी, आईटी अधिनियम और विकलांगता अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
इसके अतिरिक्त, यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि उसने पूजा खेडकर को सिविल सेवा परीक्षा-2022 से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं से उन्हें रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया है। पिता को 25 जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया....

उधर, पूजा के पिता दिलीप खेडकर को 25 जुलाई तक पुणे सत्र न्यायालय ने अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। क्योंकि उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। दिलीप खेडकर एक स्थानीय किसान को भूमि विवाद को लेकर धमकाने के मामले में मनोरमा खेडकर के साथ सह-आरोपी हैं। प्वाइंट्स में जानें अब तक क्या क्या हुआ?
- 2023 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (आईएएस) पूजा खेडकर पर हाल ही में पुणे में प्रशिक्षण के दौरान सत्ता और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था।
- पूजा खेडकर उस समय विवाद में आ गईं जब यह खुलासा हुआ कि जिस ऑडी कार से वह काम पर जाती थीं, उस पर एम्बर रंग की लाल बत्ती और राज्य सरकार का प्रतीक चिह्न लगा हुआ था, साथ ही एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ उनके कार्यालय के उपयोग को लेकर मतभेद भी था।
- आयोग ने 2022 की परीक्षा प्रक्रिया से उनकी उम्मीदवारी रद्द करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। यूपीएससी ने कहा कि उसने सीएसई-2022 की अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के दुर्व्यवहार की विस्तृत और गहन जांच की।
- यह बात प्रकाश में आई है कि उसने दृष्टि दोष और मानसिक बीमारी का हवाला देते हुए धोखाधड़ी से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र और बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूबीडी) प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद 12 बार परीक्षा दी थी।
- 2022 में, खेडकर ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में एक आवेदन दायर कर सिविल सेवा परीक्षा में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट की मांग की थी। 2023 में अपने आदेश में, कैट ने कहा कि उम्मीदवार ने सफलतापूर्वक परीक्षाएं पास कर ली थीं, लेकिन एम्स में एक मेडिकल बोर्ड के सामने अपनी विकलांगता साबित करने के लिए उसने बार-बार छह मेडिकल परीक्षाएं छोड़ दीं, और कहा कि उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
- इस फैसले के बावजूद उन्हें सेवा में शामिल किया गया और इस साल जून तक फील्ड ट्रेनिंग पर भेजा गया, जब वह पुणे में अपनी पोस्टिंग के दौरान सत्ता और विशेषाधिकारों के दुरुपयोग के लिए जांच के घेरे में आईं। 16 जुलाई को उन्हें मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 'तुरंत वापस बुला लिया गया' और महाराष्ट्र के वाशिम जिले में उनकी मौजूदा ट्रेनिंग रोक दी गई।
टाइमलाइन में जानें केस
- फरवरी 2023: केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने पूजा खेडकर को पोस्टिंग के लिए अनुमति दी, हालांकि उनके एमआरआई रिपोर्ट को लेकर विवाद था।
- जुलाई 2024: पूजा खेडकर पर कई गंभीर आरोप लगे, जिनमें फर्जी जाति प्रमाणपत्र और विकलांगता प्रमाणपत्र का उपयोग शामिल है। उन्होंने मानसिक बीमारी और दोनों आंखों में दृष्टिहीनता का दावा किया, जिसके आधार पर उन्हें प्रशासनिक सेवा में लाभ मिला।
- जुलाई 10, 2024: पूजा खेडकर को पुणे से वाशिम स्थानांतरित किया गया। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग किया, जैसे कि अपनी निजी कार पर लाल-नीली बत्ती और 'महाराष्ट्र सरकार' का स्टीकर लगाना।
- जुलाई 11, 2024: केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की।
- जुलाई 15, 2024: पूजा खेडकर के माता मनोरमा -पिता दिलीप खेडकर पर भी एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें किसानों को धमकाने के आरोप शामिल थे।
- जुलाई 19, 2024: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पूजा के खिलाफ कथित तौर पर दस्तावेजों में जालसाजी करने और यूपीएससी से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया। वहीं, पूजा के पिता को 25 जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया।
- जुलाई 19, 2024: प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर से जुड़ी पुणे स्थित कंपनी को पीसीएमसी (पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम) ने सील कर दिया। पीसीएमसी इंजीनियर मकरंद निकम ने बताया कि वह इमारत रेड जोन में आती है...हमने ऐसी इमारत के लिए अनुमति नहीं दी है, इसलिए यह एक अवैध इमारत है। अवैध इमारतों को पहले नोटिस दिया जाता है।












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