पीएम केयर्स फंड की जांच नहीं करेगी लोक लेखा समिति
नई दिल्ली। लोक लेखा समिति (पीएसी) पीएम केयर्स फंड की जांच नहीं करेगी। समिति बैठक में इस मामले में सभी सदस्यों की सर्वसम्मति बनाने में नाकाम रही। शुक्रवार को हुई समिति की बैठक में एनडीए के संख्याबल के चलते इस पर बात नहीं बढ़ पाई। समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस मुद्दे को उठाया लेकिन ज्यादा नहीं बढ़ा पाए। बताया गया है कि लोक लेखा समिति के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कोरोना की वजह से देश भर में लागू किए गए लॉकडाउन से लोगों को हुई परेशानियों पर चर्चा करने की कोशिश की लेकिन समिति में मौजूद सदस्यों ने इसमें सहयोग नहीं दिया।
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पीएसी में बैठक में शामिल बीजेपी सदस्यों ने कोरोना संकट के सरकारी प्रबंधन के जांच-पड़ताल के अधीर रंजन चौधरी के प्रस्ताव को रोक दिया। बैठक में पीएसी में शामिल बीजेपी के सभी सदस्य मौजूद थे। बीजू जनता दल के नेता भृतहरि महतानी से बीजेपी को सबसे ज्यादा समर्थन मिला है। संसदीय समिति की बैठक में बीजेपी की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने पीएम केयर्स फंड की जांच पड़ताल के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पीएम केयर्स की फंडिंग संसद द्वारा स्वीकृत नहीं है और इस वजह से लोक लेखा समिति इस मामले की जांच नहीं कर सकती है।
समिति की 1 अप्रैल से शुरू हुए नए कैलेंडर वर्ष की ये पहली बैठक है। पहली बैठक में साल के वो मुद्दे तय होते हैं, जिनकी लोक लेखा समिति जांच और समीक्षा करती है। जिन विषयों पर समिति की मुहर लगती है उनपर आगे समिति में चर्चा की जाती है. चर्चा के बाद संसद में रिपोर्ट भी पेश की जाती है। बैठक में पीएम केयर्स फंड को शामिल नहीं किया गया है।
कोरोना वायरस फैलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर फंड बनाया था। इसमें आ रहे पैसे और खर्च में पारदर्शिता को लेकर विपक्ष लगातार कह रहा है। लोक लेखा समिति इसकी जांच करे, इसको लेकर भी मांग उठ रही थी। लोक लेखा समिति भारतीय संसद के कुछ चुने हुए सदस्यों वाली समिति है जो भारत सरकार के खर्चों की ऑडिटिंग करती है। लोक लेखा समिति, सबसे अहम संसदीय समितियों में से एक है।












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