VIDEO: जेएनयू छात्रों के प्रदर्शन में महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस ने की छेड़खानी, छीने गए कैमरे
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक नये विवाद को लेकर विद्यार्थी सड़कों पर उतर आए हैं। कई मांगों के साथ 'सेव जेएनयू मार्च' कर रहे जेएनयू छात्रों और टीचर्स असोसिएशन (JNUTA) को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने बीच में ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस द्वारा महिला पत्रकार के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। इस संबंध में महिला पत्रकार ने दिल्ली कैंट स्टेशन हाउस ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू भी हो चुकी है और आगे इसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

एक महिला फोटोग्राफर के साथ लेडी पुलिस टीम ने की मारपीट
एक फोटोग्राफर के साथ भी प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस दल ने मारपीट की। फोटोग्राफर ने कहा, 'उन्होंने मेरा कैमरा ले लिया और नहीं लौटाया। मैंने उन्हें बताया कि मैं मीडिया से हूं लेकिन वे मुझे धक्का देने लगे। फोटोग्राफर के साथ की गयी धक्का मुक्की का वीडियो भी वायरल हो रही है।

जान लीजिए पूरा मामला
मार्च में शामिल छात्रों और शिक्षकों में यौन उत्पीड़न, क्लास में अनिवार्य उपस्थिति, सीट कटौती समेत तमाम मुद्दों को लेकर जेएनयू प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यौन उत्पीड़न के आरोपी शिक्षक अतुल जौहरी की बर्खास्तगी की भी मांग की है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई गंभीर मुद्दे उठाये हैं। जिनमें जेंडर जस्टिस, शिक्षा का अधिकार तथा सीटों की कटौती शामिल है। एक अनुमान के मुताबिक 1100 के करीब सीटों में कटौती कर 300 कर दिया गया है। छात्रों में नए दाखिला प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी है।
दिल्ली पुलिस ने मीडिया से मांगी माफी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा मीडिया से माफी मांगी गई है। शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया था। इस लाठीचार्ज के बाद एक महिला मीडियाकर्मी ने पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। अब दिल्ली पुलिस के पीआरओ मधुर वर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सब गलतफहमी की वजह से हुआ।
पुलिस ने मांगी मीडिया से माफी
मधुर वर्मा ने कहा कल जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था। हम मीडिया से माफी मांगते हैं। हमारा उद्देश्य मीडिया को उनके काम से रोकना नहीं था। गलतफहमी में किसी महिला पुलिसकर्मी ने एक फोटोजर्नलिस्ट तो प्रदर्शनकारी समझ लिया था। मधुर वर्मा ने आगे कहा, 'पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए किया था जो बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। लेडी कॉन्स्टेबल को यह नहीं पता था कि वह महिला एक पत्रकार हैं। यह एक गलतफहमी थी और गलत हुआ। हम जांच करेंगे।'












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