Protest against Jamia violence: कन्हैया कुमार ने फिर दोहराया-'हम ले के रहेंगे आजादी'
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में छात्र सड़कों पर उतर गए हैं, विपक्षी पार्टियां भी इस कानून का विरोध कर रही हैं, कानून के विरोध में दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र में जो हिंसा हुई और पुलिस की कार्रवाई हुई, उसके विरोध में देश की कई यूनिवर्सिटी प्रदर्शन कर रही हैं, देश में कुल 22 बड़े कैंपस हैं, जहां पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जामिया हिंसा को लेकर आज सर्वोच्च अदालत में भी सुनवाई हो सकती है।
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'हम ले के रहेंगे आजादी'
तो वहीं इस बीच जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर आजादी का नारा दोहराते दिखाई पड़े हैं, जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हुई कथित हिंसा के बाद कन्हैया कुमार ने बिहार के पूर्णिया में 'हम ले के रहेंगे आजादी' का नारा दोहराया।
'CAB-NRC के जरिए सरकार हमें दबाना चाहती है'
उन्होंने कहा कि देश के विद्यार्थियों पर पुलिस के दमन और संविधान एवं गरीब विरोधी CAB-NRC के खिलाफ पूर्णिया(बिहार) की जनता ने अपनी आवाज बुलन्द की, जनता समझ रही है कि उनके असल सवालों को दबाने के लिए यह सरकार उन्हें नागरिकता सिद्ध करने के लिए सरकारी दफ़्तरों के बाहर लाइनों में लगा देना चाहती है।

'लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन बिल ला रही है'
इससे पहले भी कन्हैया कुमार ने CAA को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसा था, नागरिकता संशोधन बिल को उन्होंने मोदी सरकार का जाल बताया और कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा, बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन बिल ला रही है, ताकि लोग अपनी नागरिकता को साबित करने में उलझे रहे।

कन्हैया का मोदी सरकार पर हमला
कन्हैया कुमार ने ट्वीट पर लिखा था-एक बच्चा भूख के मारे रो रहा था और अपने पापा से खाना मांग रहा था।पापा ने उसे अल्मारी के ऊपर बिठा दिया।अब बच्चा भूख भूलकर अल्मारी से नीचे उतरने के लिए रोने लगा। खेल को समझिए।आपके बच्चों को शिक्षा-रोजगार चाहिए।ये लोग आप सबको अपनी नागरिकता सिद्ध करने के जाल में उलझा देना चाहते है।












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