लोकसभा चुनाव 2019: जानिए मावेलिकारा सीट के बारे में

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हम आपको अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोकसभा सीटों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं केरल के बेहद खास शहर और लोकसभा सीट मावेलिकारा के बारे में। केरल का ये सीट कई मायनों में खास है। इस सीट पर कांग्रेस ने अधिकांश बार जीत हासिल की है।

 profile of Mavelikara lok sabha constituency

राजनीतिक स्थिति

1962 में पहली बार इस सीट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा गया, जिसमें कांग्रेस ने भारी मतों से जीत हासिल की। इस सीट पर कांग्रेस मे 8 बार जीत हासिल की है, जबकि सीपीआई ने एक बार, जनता दल ने एक बार और समयुक्ता सोशलिस्ट पार्टी ने एक बार जीत हासिल की है। अगर साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा से जीत हासिल की। कांग्रेस के उम्मीदवार और सांसद कोडुकुन्निल सुरेश ने CPI के उम्मीदवार चिंगारा सुरेंद्रण को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की। इस लोकसभा चुनाव में कोडुकुन्निल सुरेश को 402432 वोट हासिल हुए तो वहीं सीपीआई उम्मीदवार को 369695 वोट हासिल हुए। इस जीत के साथ ही कोडुकुन्निल सुरेश ने अपनी जीत को जारी रखा। हालांकि कांग्रेस सांसद कोडुकुन्निल सुरेश की छवि विवादों में घिरी रही। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कोडुकुन्निल सुरेश उस वक्त चर्चा में आ गए जब केरल हाईकोर्ट ने उन्हें अयोग्य करार दिया।

कांग्रेस का दबदबा

केरल हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कोडुकुन्निल सुरेश को मावेलिकारा (सुरक्षित) सीट से अयोग्य करार दिया और उनके निर्वाचन को खारिज कर दिया। कोर्ट ने उन्हें अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए मिलने वाले लाभ एवं सुविधाओं के पाने का हकदार नहीं पाया। कोर्ट ने पाया कि कांग्रेस सांसद सुरेश अनुसूचित जाति से नहीं आने के बावजूद सुरक्षित सीट चुनाव लड़ा। हालांकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर से जीत हासिल की।

जातिगत राजनीति

इस सीट की राजनीतिक संरचना को देखें तो ये सीट अनुसूचित जाती के लिए सुरक्षित है। मावेलिकारा लोकसभा सीट पर 1609835 जनसंख्या है,जिसमें रूलर जनसंख्या 83.63 प्रतिशत, अर्बन जनसंख्या 16.37 प्रतिशत, एससी 14.55 प्रतिशत और एसटी जनसंख्या 0.28 प्रतिशत है। इस लोकसभा सीट पर साक्षरता दर 86 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत साक्षरता दर 59.9 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। वोटर्स के आंकड़ों पर गौर करें तो मावेलिकारा लोकसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 1252668 हैं, जिसमें महिला मतदाता 659966 और पुरूष मतदाता 592702 है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 71 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर वोट डाले थे। ये सीट हमेशा से कांग्रेस के दबदबे में रहा है। सीपीआई ने कांग्रेस को चुनौती जरूर दी है, लेकिन वो कहीं स्टैंड नहीं कर पाई।

खात बातें

अब जरा इस सीट के सांस्कृतिक, धार्मिक और अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा करें तो आपको बता दें कि मावेलिकारा अपने पौराणिक मंदिरों और प्राचीण किलों को लेकर मशहूर हैं। पैथियौर गोपूरम, भगवान बुद्ध की प्राचीन मंदिर कांधियौर मंदिर, महादेव मंदिर, पांडिपुरम, मुल्लीकुलंगारा मंदिर, चित्तीकुलंगारा मंदिर आदि खास है। यहां की पौराणिक मंदिरों को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। यहां के लोग खेती पर निर्भर है। नारियल, मसाले, धान यहां मुख्य रूप से पैदावार किए जाते हैं।

इस जगह को लेकर कहा जाता है कि मालेविकारा केरल का एकमात्र ऐसा जगह है, जहां बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा और मंदिर है। यहां के अधिकांश लोग बुद्ध धर्म को मानते हैं। मावेलिकारा को राजा रवि वर्मा के नाम से भी जाना जाता है। राजा रवि वर्मा मशहूर चित्राकर थे, जो न्यूड पेटिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी अधिकांश पेटिंग महिलाओं से जुड़ी होती थी।

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