लोकसभा चुनाव 2019- कन्नौज लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: यूपी की कन्नौज लोकसभा सीट से यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सांसद हैं, साल 2014 में सपा ने यहां भाजपा को 19907 वोटों से हराया था। कन्नौज, यूपी के पुराने शहरों में से एक है, शहर का नाम संस्कृत के शब्द 'कान्यकुब्ज' से बना है, आइन-ए-अकबरी के मुताबिक बादशाह अकबर के ज़माने में कन्नौज मुग़ल सल्तनत के मुख्य केन्द्रों में से एक था तो वहीं इस क्षेत्र का ज़िक्र रामायण में भी मिलता है। कन्नौज की आबादी 16,56,616 लाख है,जिनमें पुरुषों की संख्या 8,81,776 लाख जबकि महिलाओं की संख्या 7,74,840 लाख है, यहां कि साक्षरता दर 72.70% है। कन्नौज आलू की अच्छी पैदावार के लिए जाना जाता है तो वहीं ये अपने इत्र के लिए दुनिया भर में मशहूर है।

कन्नौज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा की कुल पांच सीटें आती हैं, जिनके नाम छिबरामऊ, तिर्वा ,कन्नौज, बिधूना, रसूलाबाद और कानपुर देहात हैं। 1967 में कन्नौज में हुए चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के राम मनोहर लोहिया ने कांग्रेस के एस.एन.मिश्रा को मात्र 472 वोटों से हराया था, 1971 के चुनाव में कांग्रेस के एस.एन.मिश्रा ने भारतीय जन संघ के राम प्रकाश त्रिपाठी को चालीस हज़ार से ज्यादा वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।
1977 में यहां भारतीय लोकदल ने जीत दर्ज की थी, 1984 के चुनाव में कांग्रेस की शीला दीक्षित ने बड़ी जीत हासिल की थी और इसके साथ ही उन्हें कन्नौज से पहली महिला सांसद होने का गौरव हासिल हुआ था, 1996 में पहली बार यहां भाजपा ने जीत दर्ज की लेकिन 1998 से लेकर साल 2014 से सीट सपा के ही नाम रही है। साल 1998 में प्रदीप कुमार यादव ने सपा को यहां पहली जीत दिलवाई थी, साल 1999 में यहां से मुलायम सिंह यादव सांसद चुने गए थे तो साल 2000 के उपचुनाव में यहां से अखिलेश यादव विजयी हुए और वो 2004 और 2009 में यहां से एमपी रहे लेकिन अखिलेश यादव जब 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब उन्हें कन्नौज की सीट से त्यागपत्र देना पड़ा और उनकी जगह उनकी पत्नी डिंपल यादव इस सीट पर खड़ी हुईं और यहां से जीतकर लोकसभा पहुंची।
डिंपल यादव का लोकसभा में प्रदर्शन
सोलहवीं लोकसभा में डिंपल यादव जल संसाधन से जुड़े मामलों की स्थाई समिति की सदस्य भी हैं, पिछले 5 सालों के दौरान उनकी लोकसभा में उपस्थिति 31 प्रतिशत रही हैं और इस दौरान उन्होंने मात्र 2 डिबेट में हिस्सा लिया है। जो किसी भी लिहाज से अच्छा रिकार्ड नहीं कहा जा सकता है। साल 2014 में यहां पर 1808886 मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें 55 प्रतिशत पुरुष और 44 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। उस साल यहां पर नंबर 2 पर भाजपा, नंबर 3 पर बसपा और नंबर 4 पर IND थी। कन्नौज की 83 प्रतिशत आबादी हिंदू और 16 प्रतिशत मुस्लिम है।
कन्नौज के जातीय समीकरण को देखें तो यहां 16 फीसदी यादव मतदाता हैं, वहीं मुस्लिम वोटर करीब 36 फीसदी हैं, इसके अलावा ब्राह्मण मतदाता 15 फीसदी के ऊपर हैं और करीब 10 फीसदी राजपूत हैं तो वहीं ओबीसी मतदाताओं में लोधी, कुशवाहा, पटेल बघेल मतदाता अच्छे खासे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव मात्र 19 हजार 907 वोट से ही जीत हासिल कर पाई थीं, भाजपा से उन्हें कड़ी टक्कर मिली थी।












Click it and Unblock the Notifications