लोकसभा चुनाव 2019: जानिए लोकसभा सीट इडुक्की के बारे में
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हम आपको अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोकसभा सीटों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं केरल के बेहद खास और पहाड़ी जिला इडुक्की लोकसभा सीट के बारे में। इस सीट पर अधिकतर बार कांग्रेस ही सफल हुई है। 2009 में कांग्रेस के पीटी थॉमस यहां से सांसद चुने गए। वहीं 2014 में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जॉइस जॉर्ज ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार डीन कुरियोकोस को बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की। सबसे खास बात कि इस सीट में कांग्रेस, सीपीआई और इंडियन केरल कांग्रेस के बीच टक्कर होती रही है, बीजेपी जहां पहली बार 2014 के लोकसभा तीसरे नंबर पर आई थी।

इडुक्की लोकसभा सीट का इतिहास
इडुक्की लोकसभा सीट के बारे में बात करें तो इसे 'खुदा का अपना घर' कहा जाता है। यह पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थल है। भारत की सबसे ऊंची चोटी अनामुडी के अलावा यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आर्क बांध भी है, जिसे देखने देश-दुनिया से लाखों सैलानी हर साल यहां आते हैं। अगर इतिहास पर नजर डाले तो चेर राजवंश के एक हिस्सा होने के नाते तथा कई प्रारम्भिक यूरोपीय जातियों के यहां बसने की वजह से इडुक्की इतिहास में भी उल्लेखनीय है।कई इतिहासकारों का मानना है कि पुरापाषाणकालीन लोग यहाँ बसे हुए थे। 26 जनवरी, 1972 में बना, इडुक्की जिला, केरल का दूसरा सबसे बड़ा जिला है।
इडुक्की के लोगों का व्यवसाय
केरल का यह शहर सदियों से एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है। यहां से शीशम, चंदन, हाथीदांत, और मोर आदि का निर्यात दुनिया के कई देशों में किया जाता है। इडुक्की की पहचान यहां से बहने वाली थोडुपुझा, पेरियार, और थाल्या नदियां हैं, जो अब बड़े ट्यूरिस्ट प्लेस के तौर पर डेवलप हो रही है। नदियों की वजह से इडुक्की को केरल पावर हाउस भी कहा जाता हैं, क्योंकि यह राज्य की हाइड्रोइलैक्ट्रिक पावर की खपत का 66% आपूर्ति करता है।
पर्यटन स्थल
इडुक्की में नदियां, पहाड़ के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण हिल स्टेशन रमाकलमेडु भी है, जहां लोग दूर-दूर से घूमने आते हैं। यहां कई चाय बागान और कॉफी बागान, जो सैलानियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इडुक्की के प्रसिद्ध बागान मरिक्केडि में चाय और कॉफी की खुशबू हवा में तैरती है। वहीं नेदुम्कंदम हिल में मसाले की खेती होती है। यहां काली मिर्च और इलायची की खेती की जाती है ।
जहां के एक प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण केंद्र में मंगला देवी मंदिर शामिल है, जो समुद्र की सतह से 1337 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वहीं थोडुपुझा के पास एक पुराना चर्च है, जो 13 वीं सदी से पहले का माना जाता है। दुनिया के हर कोने से लोग यहां काडी पक्षी अभयारण्य में नीलगिरि तहर, नीलगिरि जंगली कबूतर, गौर, बैंगनी फ्राग टाइगर, सफ़ेद विशालकाय गिलहरी देखने आते हैं।
इडुक्की लोकसभा सीट के वोटर्स
अगर राजनीतिक परिपेक्ष्य में इडुक्की को देखें तो ये हमेशा से कांग्रेस और सीपीआई का गढ़ रहा है। यहां की कुल जनसंख्या 1589821 है, जिसमें 89.52 प्रतिशत लोग रूलर, 10.48 प्रतिशत अर्बन,11.14% एससी, 4.02% एसटी है। वहीं मतदाताओं की बात करें तो यहां 1158735 मतदाता हैं, जिसमें पुरूष मतदाताओं की तादात 578849 हं, वहीं 579886 महिलाएं वोटर्स शामिल हैं।












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