लोकसभा चुनाव 2019: हैदराबाद लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी सांसद हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा के डॉ. भगवंत राव को 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी, ओवैसी को इस सीट पर 5,13,868 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के उम्मीदवार भगवंत राव को 3,11,414 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। इस सीट पर तीसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार ए. कृष्णा रेड्डी थे, जिन्हें कि 49,310 वोट और नंबर चार पर रही टीआरएस पार्टी के राशिद शरीफ को केवल 37,195 वोट प्राप्त हुए थे। AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी यहां से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए थे।

देश के सबसे नए राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद लोकसभा सीट शहरी इलाके की सीट है, मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू यहां से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं हालांकि, वह 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीत नहीं सके थे, यहां की जनसंख्या 21,84,467 है, जिसमें से 3 प्रतिशत लोग एससी वर्ग के हैं। हैदराबाद तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी है, जो कि मूसी नदी के किनारे स्थित है। हैदराबाद को 'निज़ाम का शहर' और 'मोतियों का शहर' भी कहा जाता है। यह भारत के सर्वाधिक विकसित नगरों में से एक है और भारत में सूचना प्रौधोगिकी एवं जैव प्रौद्यौगिकी का केन्द्र है, चार मीनार और बिरयानी के लिए ये दुनियाभर में मशहूर है।
हैदराबाद लोकसभा सीट का इतिहास
हैदराबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं, जिनके नाम हैं मलकपेट, कारवां गोशमहल, चारमीनार, चंद्रयान गुट्टा, याकूतपुरा और बहादुरपुर, इनमें से छह सीटें AIMIM के पास हैं तो एकमात्र सीट भाजपा के खाते में हैं। आजादी के बाद से हैदराबाद लोक सभा सीट पर 16 आम चुनाव हुए हैं, जिनमें से 8 बार AIMIM ने यहां जीत का परचम लहराया है तो वहीं 6 बार यह सीट कांग्रेस के खाते में आई है जबकि सिर्फ एक बार तेलंगाना प्रजा समिति और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में, पिछले 15 सालों से यह सीट AIMIM के पास है, यहां से AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के पिता सुल्तान सलाहउद्दीन ओवैसी सात बार सांसद चुने गए थे, छह बार AIMIM के टिकट पर और एक बार निर्दलीय लड़कर वो यहां विजयी हुए थे। उनके बाद से यह सीट तीन बार से लगातार उनके बेटे असदुद्दीन ओवैसी के खाते में जा रही है, हालांकि, आजादी के बाद से लेकर 1980 के दशक तक यह सीट कांग्रेस के खाते में रही थी लेकिन साल 1984 से वो यहां जीत के लिए तरस रही है।
असदुद्दीन ओवैसी का लोकसभा में प्रदर्शन
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक आक्रामक नेता असदुद्दीन ओवैसी की लोक सभा में उपस्थिति 83 फीसदी रही है, इस दौरान उन्होंने कुल 57 बहसों में हिस्सा लिया है और संसद में 697 सवाल पूछे हैं, ओवैसी अपने इस कार्यकाल में 2 प्राइवेट मेंबर बिल भी लाए हैं, साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 18,23,664 है, जिसमें से केवल 9,71,421 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया, जिसमें पुरुषों की संख्या और महिलाओं की संख्या 4,44,911 थी। हैदराबाद सीट पर लंबे वक्त से कांग्रेस यहां जीत के लिए तरस रही है, मोदी लहर में भी ये सीट AIMIM के पास रही जो ये संकेत देता है कि इस सीट पर AIMIM को पराजित करना आसान नहीं है फिलहाल यहां ओवैसी की सत्ता है, देखते हैं कि एक बार फिर यह सीट AIMIM के खाते में जाएगी या फिर कुछ चौंकाने वाली तस्वीर यहां सामने आती है।












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