लोकसभा चुनाव 2019- गोंडा लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की गोंडा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के कीर्ति वर्धन सिंह सांसद है, साल 2014 के चुनाव में भाजपा ने सपा को यहां 160412 मतों से हराया था। 4,448 वर्ग किलोमीटर में फैला 'गोंडा' यूपी के सबसे उपजाऊ जिलों में से एक है। भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के 21 साल यहीं बिताए थे। गोंडा जिले में 1,817 गांव हैं, यहां की कुल आबादी के 93.45% लोग शहरों में जबकि 6.55 % लोग गांवों में रहते है, यह जिला शिक्षा की दृष्टि से काफी पिछड़ा हुआ है यहां की औसत साक्षरता दर 48.92% है। इस लोकसभा सीट में उत्तर प्रदेश विधान सभा की पांच सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं उतरौला, मनकापुर, मेहनौन, गौरा और गोंडा, जिनमें मनकापुर की विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है । 1957 में यहां पहला आम चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस के दिनेश प्रताप सिंह जीते थे, वो यहां के पहले सांसद बने थे।

1980, 1984 और 1989 तीनों ही बार यहां कांग्रेस जीती, 1991 में पहली बार यहां भारतीय जनता पार्टी ने जीत के साथ कदम रखा। 1996 में भी ये सीट बीजेपी के ही पास रही लेकिन साल 1998 के चुनावों में यहां सपा को सफलता मिली लेकिन इसके एक ही साल बाद हुए चुनाव में भाजपा ने अपनी हार का बदला ले लिया लेकिन साल 2004 के चुनाव में एक बार फिर से यहां साइकिल दौड़ी लेकिन 2009 में कांग्रेस के बेनी प्रसाद वर्मा गोंडा की सीट जीतकर लोकसभा पहुंचे लेकिन साल 2014 में ये सीट बीजेपी की झोली में आ गई और कीर्ति वर्धन सिंह यहां से सांसद चुने गए।
तीसरी बार लोकसभा पहुंचे कीर्ति वर्धन सिंह लोकसभा में पर्यावरण और वन सम्बन्धी मामलों की स्थाई समिति के सदस्य भी है, पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 77 प्रतिशत रही है, इस दौरान उन्होंने 11 डिबेट में हिस्सा लिया है और 124 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में यहां SP दूसरे, BSP तीसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही, उस साल यहां पर 1710825 मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। गोंडा की 79 प्रतिशत आबादी हिंन्दुओं की और 19 प्रतिशत संख्या मुस्लिमों की है।












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