लोकसभा चुनाव 2019- बलिया लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की बलिया लोकसभा सीट से इस वक्त बीजेपी नेता भरत सिंह सांसद हैं, साल 2014 में भाजपा ने यहां सपा को 139434 वोटों से हराकर ये जीत अपने नाम की थी, आजादी की लड़ाई में अलग स्थान रखने वाला बलिया जिला आज भी अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है, यहां विकास की रफ्तार काफी धीमी है, बलिया मंगल पांडे, चंद्रशेखर और छोटे लोहिया के नाम से जाने जाने वाले जनेश्वर मिश्र की कर्मभूमि रही है। कहा जाता है कि यह कभी 'राजा बलि' की राजधानी थी इसलिए इसका नाम बलिया पड़ा, 2,981 वर्ग किमी में फैले इस संसदीय सीट के अन्दर यूपी विधान सभा की पांच सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं, ज़हूराबाद, मोहम्मदाबाद, बलिया नगर, फेफना और बौरिया।

यहां पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था, जिसे कि कम्युनिस्ट पार्टी के राम नगीना सिंह ने जीता था, 1957 और 1962 में यहां पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा , 1967 और 1971 में कांग्रेस की टिकट पर चन्द्रिका प्रसाद ने लगातार दो बार जीत दर्ज की, 1977 में भारतीय लोकदल और 1980 में जनता पार्टी के टिकट पर चंद्रशेखर दो बार निर्वाचित हुए थे, 1984 में जगन्नाथ चौधरी कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे।
1989 में जनता दल, 1991 में जनता पार्टी, 1996 में समता पार्टी, 1998 से 2004 तक समाजवादी जनता पार्टी(राष्ट्रीय) के टिकट पर जीतकर चन्द्रशेखर बलिया के प्रतिनिधि बने रहे, उन्हें देश का पीएम बनने का भी गौरव प्राप्त हुआ। 2008 में उपचुनाव हुए जिसमें समाजवादी पार्टी के नीरज शेखर ने बसपा के विनय शेखर तिवारी को हराया, 2009 में भी नीरज शेखर बसपा प्रत्याशी को हराकर लोकसभा पहुंचे, लेकिन साल 2014 में यहां भाजपा ने जीत दर्ज की और भरत सिंह यहां से एमपी बने, पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए भरत सिंह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सम्बन्धी मामलों की स्थाई समिति के सदस्य भी है। पिछले 5 सालों के दौरान इन्होंने लोकसभा की 51 डिबेट में हिस्सा लिया है और 425 प्रश्न पूछे हैं।
यूपी के चर्चित शहरों में से एक बलिया की 92 प्रतिशत आबादी हिंदू और 6 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है, साल 2014 के चुनाव में 1768271 वोटरों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 55 प्रतिशत पुरुष और 44 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं, उस साल यहां पर नंबर 2 पर सपा, नंबर 3 पर QED और नंबर 4 पर BSP थी।












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