प्रियंका गांधी vs स्मृति ईरानी...कौन किस पर भारी?
रायबरेली। बुधवार को अमेठी और रायबरेली में एक रोचक मुकाबला देखने को मिला, रायबरेली में जहां कांग्रेस की राजकुमारी प्रियंका गांधी मौजूद थीं वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के युवराज के घर अमेठी में भाजपा नेता स्मृति ईरानी उपस्थित थीं। अपनी-अपनी पार्टी की कद्दावर और सबसे चर्चित हस्तियों में से एक दोनों नेताओं ने जमकर एक-दूसरे से वाकयुद्द किया।
जमकर हुआ वाक-युद्द
दोनों ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि दोनों ही बातें करने और बहस करने में चतुर हैं, दोनों ही के अपने-अपने लाजिक होते हैं जिनसे पार पाना आसान नहीं है। प्रियंका गांधी, कांग्रेस का एक जगमगाता और विश्वसनीय चेहरा हैं तो स्मृति ईरानी भी भाजपा की नई खेप की उपज हैं जिनके मोहपाश में लोग जल्दी बंध जाते हैं।
जब प्रियंका गांधी ने रायबरेली में कहा कि अगर मिसेज ईरानी को इतनी ही चिंता है अमेठी की तो वहां आईआईटी क्यों नहीं है? जिस पर स्मृति ने दहला मारते हुए कहा कि इससे बड़ी देश की विडंबना क्या होगी कि अमेठी से हारे हुए उम्मीदवार से लोग बहस कर रहे हैं, इसका जवाब तो उनके बड़े भाई राहुल गांधी के पास होना चाहिए जिनका संसदीय क्षेत्र अमेठी है।
और भी बहुत सारी बातें हैं जिसने प्रियंका vs स्मृति ईरानी मुकाबले में एक नई बहस छेड़ दी है, नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये और जानिए इस मुकाबले के रोचक हिस्से..

ग्लैमर वर्ल्ड
स्मृति ईरानी: कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ग्लैमर वर्ल्ड से राजनीति के क्षेत्र में आयी हैं।
प्रियंका गांधी: प्रियंका गांधी भी कांग्रेस का ग्लैमरस चेहरा हैं और स्टार प्रचारक हैं।

वाक पटु
स्मृति ईरानी: स्मृति ईरानी की छवि एक वाकपटु नेता के तौर पर है।
प्रियंका गांधी: काफी हाजिर जवाब मानी जाती हैं, ईंट का जवाब पत्थर से देने में यकीन रखती हैं।

कम उम्र असरदार काम
स्मृति ईरानी: स्मृति ईरानी मोदी कैबिनेट की सबसे यंग नेता हैं, जिनके कामों की चर्चा सबसे ज्यादा होती है।
प्रियंका गांधी: ना नेता और ना ही कार्यकर्ता, फिर भी उन्हें सुनने के लिए अमेठी-रायबरेली में लोग सुनने आते हैं।

बहू-बेटी
स्मृति ईरानी: टीवी की हिट बहू तुलसी वीरानी का किरदार निभाने वाली स्मृति ने लोकसभा चुनाव में अपनी इस इमेज को पूरी तरह भूनाया है और शायद इसलिए ही लोग उन पर भरोसा रखते हैं।
प्रियंका गांधी: अमेठी हो, रायबरेली हो या फिर सुल्तानपुर.. हर जगह प्रियंका ने लोगों से कहा कि वो इस मिट्टी की बेटी है और बेटी हमेशा ही अपने घर का भला चाहती है।

उभरता चेहरा
स्मृति ईरानी: स्मृति ईरानी जहां भाजपा का एक उभरता और चमकता चेहरा हैं, जिनसे लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
प्रियंका गांधी: तो वहीं प्रियंका के जरिये कांग्रेस अपना खोया हुआ अस्तित्व खोज रही है, कई इलाकों से आवाजें आ रही हैं कि प्रियंका लाओ कांग्रेस बचाओ..












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