'...मैं एक महिला के रूप में आई हूं', पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया से मिलीं प्रियंका वाड्रा
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के सहयोगी संजय सिंह के महासंघ के अध्यक्ष चुने जाने के बाद सियासत में घमासान मचा है। एक तरफ, पहलवान साक्षी मलिक ने विरोध में कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ, पहलवान बजरंग पुनिया ने अपना पद्मश्री पुरस्कार पीएम आवास की चौखट पर रखकर वापस लौटा दिया है।
इस बीच शुक्रवार शाम कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया से मुलाकात के लिए पहुंची। साक्षी मलिक के आवास से बाहर निकलते समय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने कहा कि मैं यहां एक महिला के रूप में आई हूं...।

दरअसल, बीते दिन पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के करीबी संजय सिंह के नए अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने दिल्ली प्रेस क्लब में आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस में रोते हुए कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि महिला पहलवानों की हक में लड़ाई शुरू की थी। लेकिन, वह हार गई हैं।
पहलवान पुनिया ने पीएम को लिखा खत
इसके बाद पहलवान पुनिया ने अपना पद्मश्री पुरस्कार लौटाने के बात कहते हुए दो पन्नों की चिट्ठी पीएम को लिखी। जिसमें पहलवान ने कहा कि इस साल बृज भूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पहलवानों ने विरोध शुरू किया। लेकिन, तीन महीने बाद भी बृजभूषण के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं हुई। जनवरी में 19 शिकायतकर्ता थे। लेकिन, अप्रैल तक यह संख्या घटकर 7 रह गई। इसका मतलब है कि बृज भूषण ने 12 महिला पहलवानों पर अपना प्रभाव डाला। आगे यह भी लिखा कि मुझे 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। मुझे अर्जुन, खेल रत्न पुरस्कार भी मिला। जब मुझे ये पुरस्कार मिले, तो मैं सातवें आसमान पर था। लेकिन, आज दुख अधिक है। और इसका कारण यह है कि एक महिला पहलवान ने अपनी सुरक्षा के कारण खेल छोड़ दिया। इसका कारण यह है कि एक महिला पहलवान ने अपनी सुरक्षा के कारण खेल छोड़ दिया। पहलवान ने पीएम को अपने मन की बात बताई।












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