Priyanka Gandhi: रमेश बिधूड़ी के बिगड़े बोल पर तोड़ी प्रियंका ने चुप्पी, दे डाली ये नसीहत
Priyanka Gandhi: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कालकाजी सीट से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी की विवादास्पद टिप्पणी पर अपनी चुपी तोड़ दी है। प्रियंका ने बिधूड़ी के बयान को निरर्थक बताया और जोर दिया कि चुनाव के दौरान असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी से जब बिधूड़ी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे "बेतुका" करार दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "उन्होंने अपने गालों के बारे में बात नहीं की।" जब यह बताया गया कि बिधूड़ी ने अपने बयान पर खेद जताया है, तो प्रियंका ने कहा कि इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और दिल्ली के अहम चुनावी मुद्दों पर फोकस करना चाहिए।

बिधूड़ी की प्रियंका पर विवादास्पद टिप्पणी
भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने प्रियंका गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा था, "हम कालकाजी की सभी सड़कों को प्रियंका गांधी के गालों जैसा बना देंगे।" यह बयान बिहार के नेता लालू यादव की हेमा मालिनी को लेकर की गई पुरानी टिप्पणी की याद दिलाता है। इस टिप्पणी पर चारों ओर से आलोचना हुई।
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Delhi | On BJP leader Ramesh Bidhuri's purported statement in a viral video, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says "It is a ridiculous remark. He never spoke about his cheeks. All this is unnecessary. During the elections, we should talk about the important issues of the people… https://t.co/y9NVHAO5pz pic.twitter.com/GgCmkXjboi
— ANI (@ANI) January 8, 2025
विवाद बढ़ने के बाद बिधूड़ी ने माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन माफी के बाद भी उन्होंने आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को लेकर एक और विवादास्पद बयान दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) ने बिधूड़ी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। आप ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और जनता से इस तरह के बयानों पर उचित प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया। आप ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां चुनावी माहौल को खराब करती हैं और यह दिल्ली की महिलाओं के प्रति अपमानजनक हैं।
गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत
चुनावी समय में व्यक्तिगत टिप्पणियों और विवादास्पद बयानों के बजाय असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। दिल्ली में राजनीतिक अभियान के दौरान यह जरूरी है कि उम्मीदवार सार्थक संवाद को प्राथमिकता दें और जनता के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करें।
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