प्रियंका का केंद्र पर हमला, कहा- जब नमस्ते ट्रंप के लिए 100 करोड़ रु हैं, तो मजदूरों के लिए क्यों नहीं

प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार मजदूरों को निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे रही...

नई दिल्ली। दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को अपने राज्यों में भेजने के लिए शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में किराया वसूलने के मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस सहित विपक्ष की कई पार्टियों ने इस मामले पर सरकार को सीधे-सीधे घेरते हुए आरोप लगाया कि उसे गरीबों की परवाह नहीं है। वहीं, रेलवे का कहना है कि वो राज्य सरकारों से केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो इस यात्रा की कुल लागत का महज 15 फीसदी है। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

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    Priyanka Gandhi ने Migrant Labours से Rail Fare लेने पर Modi Government को घेरा | वनइंडिया हिंदी
    'आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं'

    'आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं'

    प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। मगर आज वे दर दर ठोकर खा रहे हैं, यह पूरे देश के लिए आत्म-पीड़ा का कारण है। जब हम विदेश में फंसे भारतीयों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं.....जब रेल मंत्री पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर मजदूरों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि घर लौटने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी।'

    क्या है किराए का विवाद

    आपको बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में फंसे हुए प्रवासी लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए श्रमिक विशेष ट्रेनों चलाने का फैसला लिया था। लेकिन, भारतीय रेलवे ने राज्य सरकारों के लिए दिशानिर्देश जारी किए और कहा कि इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले प्रवासियों से टिकट का किराया लेना चाहिए। इसके साथ ही रेलवे ने यह भी कहा कि ये गाड़ियां केवल तभी चलेंगी, जब उनमें 90 फीसदी सीटें फुल होंगी।

    पूरे मामले पर रेलवे ने दी सफाई

    पूरे मामले पर रेलवे ने दी सफाई

    हालांकि, इस मामले में विवाद बढ़ने पर भारतीय रेलवे ने जवाब देते हुए कहा, 'रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो रेलवे द्वारा ली जाने वाली कुल लागत का महज 15 फीसदी है। रेलवे प्रवासियों को कोई टिकट नहीं बेच रहा है और केवल राज्यों द्वारा प्रदान की गई सूचियों के आधार पर यात्रियों को यात्रा करवा रहा है। भारतीय रेलवे सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें गंतव्य स्थान से खाली लौट रही हैं। रेल मंत्रालय द्वारा प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है।'

    राहुल ने कहा- जरा ये गुत्थी सुलझाइए

    राहुल ने कहा- जरा ये गुत्थी सुलझाइए

    मजदूरों से किराया वसूलने को लेकर राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। राहुल ने करते हुए कहा, 'एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है, वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए!' राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में भारतीय रेलवे की तरफ से पीएम केयर्स फंड में 151 करोड़ रुपए चंदा देने की खबर का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है।

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